बांका। जिले में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची खनन विभाग की टीम और पुलिसकर्मियों पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 30 से 40 लोगों की भीड़ ने पत्थर और डंडों से टीम पर हमला किया। इस दौरान पुलिस वाहन के शीशे तोड़ दिए गए, जबकि खनन विभाग के वाहनों और एक जेसीबी को भी नुकसान पहुंचाया गया।
घटना बांका थाना क्षेत्र के लकड़ीकोला इलाके की बताई जा रही है। अवैध बालू खनन की सूचना मिलने के बाद जिला खनन विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर कार्रवाई के लिए पहुंची थी। टीम ने नदी घाट से अवैध खनन में इस्तेमाल किए जा रहे दो ट्रैक्टरों को जब्त किया।
जब्त किए गए दोनों ट्रैक्टरों को थाना ले जाने के दौरान रास्ते में कथित तौर पर फंसा दिया गया। उन्हें बाहर निकालने के लिए मौके पर जेसीबी बुलाई गई थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में कथित अवैध खननकर्ता वहां पहुंच गए और टीम के साथ विवाद के बाद हमला कर दिया।
आरोप है कि भीड़ ने खननकर्मियों और पुलिसकर्मियों पर पत्थर तथा डंडों से हमला किया। इस दौरान बांका थाना की पुलिस गाड़ी के शीशे टूट गए। खनन विभाग के वाहनों को भी क्षति पहुंची। इसके अलावा ट्रैक्टर निकालने के लिए मौके पर लाई गई जेसीबी को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना के दौरान जेसीबी चालक का मोबाइल फोन भी कथित तौर पर हमलावरों द्वारा ले जाने की बात सामने आई है।

घटना के बाद खनन टीम ने जब्त ट्रैक्टरों की मौके पर तैयार की गई वीडियोग्राफी के आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू की। मामले में बांका थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के आधार पर 28 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अज्ञात लोगों को भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है।
अवैध बालू खनन के कारण हुए राजस्व नुकसान को लेकर भी कार्रवाई की गई है। प्रशासन की ओर से संबंधित मामले में 4 लाख 24 हजार रुपये का दंड लगाया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। सरकारी टीम पर हमला करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस मामले में नामजद और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।