उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के उद्देश्य से 17 सितंबर से एक महीने तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत होने जा रही है। यह राज्यव्यापी अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका मुख्य मकसद सरकार की कल्याणकारी और जनोपयोगी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस बार इस अभियान को पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल रूप दिया गया है, ताकि पारंपरिक प्रचार के साथ-साथ युवाओं को भी बड़े पैमाने पर जोड़ा जा सके।
इस पूरे अभियान को सुचारू और परिणामदायक बनाने के लिए कुल 12 प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है। राज्य सरकार के विभिन्न प्रशासनिक विभागों को इसके तहत कड़े लक्ष्य और जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। गोरखपुर के एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार के अनुसार, सभी कार्यक्रमों को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी तंत्र, प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और योजनाओं के प्रत्यक्ष लाभार्थियों को भी जमीनी स्तर पर एक साथ जोड़ा जा रहा है।

इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत इसका डिजिटल स्वरूप है। युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया को मुख्य हथियार बनाया गया है। इसके तहत जिन नागरिकों को सरकारी योजनाओं से सीधा लाभ मिला है, उनकी सफलता की कहानियों को 60 सेकंड की आकर्षक वीडियो रील्स के रूप में तैयार किया जाएगा। प्रदेशभर में कुल 37,500 प्रामाणिक रील्स बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है, जिन्हें इंस्टाग्राम, यूट्यूब, एक्स और फेसबुक जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि आज का युवा डिजिटल माध्यमों से तेजी से जुड़ता है, इसलिए इस अनोखी डिजिटल क्रांति के जरिए योजनाओं के प्रचार-प्रसार को एक नया आयाम मिलेगा।
प्रशासन का दावा है कि 30 दिनों तक चलने वाले इस ‘सेवा संकल्प अभियान’ के समापन तक प्रदेश के लाखों नए लोग सीधे तौर पर जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ जाएंगे। यह अभियान केवल कागजी प्रचार तक सीमित न रहकर धरातल पर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगा।