मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और विशेषकर बिजली विभाग से जुड़े लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बिजली कंपनियों के तमाम इंजीनियरों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस मेडिक्लेम बीमा योजना शुरू करने की आधिकारिक घोषणा की है। त्योहारी सीजन के ठीक पहले सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों और उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश की ऊर्जा क्षमता का जिक्र करते हुए कहा कि आज मध्य प्रदेश देश के अग्रणी ‘सरप्लस’ (बिजली सरप्लस) राज्यों की सूची में शामिल हो चुका है। वर्तमान में राज्य के पास लगभग 32,000 मेगावाट की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता उपलब्ध है, जिसमें से करीब 30 प्रतिशत हिस्सा पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन एनर्जी का है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल औद्योगिक विकास या बिजली उत्पादन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस सेक्टर को संभालने वाले हर एक कर्मचारी, अधिकारी और उनके आश्रित परिवारों का स्वास्थ्य और कल्याण भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस नई कैशलेस मेडिक्लेम पॉलिसी के लागू होने से अब बिजली कर्मियों को स्वास्थ्य से जुड़ी आपात स्थितियों में वित्तीय परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के भविष्य को लेकर भी सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग में कर्मचारियों के पदोन्नति (पमोशन) और नई भर्तियों की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सुचारू रूप से आगे भी जारी रहेगी। सरकार के इस कदम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलने के साथ ही कर्मचारियों का मनोबल भी ऊंचा रहेगा।