भोपाल। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयानों को लेकर मध्य प्रदेश के भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रतिक्रिया दी है। शर्मा ने ओवैसी की बयानबाजी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उन्हें उनके किसी बयान पर आपत्ति है तो कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया जा सकता है। इसी दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता यानी UCC और आतंकवाद के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यदि ओवैसी खुद को बैरिस्टर कहते हैं तो उन्हें राजनीतिक बयानबाजी के बजाय कानूनी रास्ते का इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने ओवैसी के हालिया बयानों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि उनके बयान पर कोई आपत्ति है तो अदालत का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।
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रामेश्वर शर्मा ने अपने बयान में ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद के खिलाफ भारतीय कार्रवाई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत की सैन्य क्षमता और मिसाइल तकनीक आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार है।उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई जारी रहेगी और आतंकवादी ठिकानों को लेकर देश की नीति स्पष्ट है।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि वह अपने पहले दिए गए बयान पर कायम हैं। उन्होंने ओवैसी से पूरे संदर्भ और भाषण को सुनने की बात कहते हुए कहा कि यदि किसी कथन को लेकर आपत्ति है तो उसे कानूनी माध्यम से उठाया जा सकता है।

विधायक ने समान नागरिक संहिता को लेकर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने विवाह और परिवार से जुड़े कानूनों के संदर्भ में समान कानून की आवश्यकता की बात कही और UCC को लेकर अपनी राजनीतिक राय जाहिर की।रामेश्वर शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कथित बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि आने वाले समय में कई राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में UCC लागू हो चुका है।
रामेश्वर शर्मा ने UCC को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा से जोड़ते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता को संविधान की भावना के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए।
रामेश्वर शर्मा के बयान के बाद UCC, आतंकवाद और ओवैसी के साथ उनकी जुबानी तकरार को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। अब इस मुद्दे पर AIMIM या असदुद्दीन ओवैसी की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।