गोरखपुर में शहर की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चल रहे महत्वपूर्ण सड़क प्रोजेक्ट का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री एचएन सिंह चौराहे पहुंचे और यहां से हड़हवा फाटक रोड, जागेश्वर पासी चौराहा होते हुए गोरखनाथ मंदिर तक निर्माणाधीन फोरलेन का जायजा लिया। करीब 4.230 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के निर्माण पर 245 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आ रही है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से परियोजना की प्रगति, निर्माण की स्थिति और गुणवत्ता को लेकर जानकारी ली। साथ ही काम को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला निर्माणाधीन फोरलेन के निरीक्षण के लिए एचएन सिंह चौराहे पहुंचा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को परियोजना से जुड़ी जानकारी दी। उन्हें सड़क निर्माण की वर्तमान प्रगति, कार्य की रफ्तार और आगे की कार्ययोजना से अवगत कराया गया। यह मार्ग एचएन सिंह चौराहे से शुरू होकर हड़हवा फाटक रोड और जागेश्वर पासी चौराहे से गुजरते हुए गोरखनाथ मंदिर तक पहुंचेगा।
फोरलेन की लंबाई — 4.230 किलोमीटर
परियोजना लागत — ₹245.44 करोड़
निर्माण की रफ्तार के साथ गुणवत्ता पर भी जोर
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री और निर्धारित तकनीकी मानकों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। सड़क की मजबूती, सुरक्षा और लंबे समय तक टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन कराने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने परियोजना को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने और निर्धारित अवधि में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखा जाए। कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़े आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
फोरलेन बनने से गोरखनाथ मंदिर तक आसान होगी राह
एचएन सिंह चौराहे से गोरखनाथ मंदिर तक तैयार किया जा रहा यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण हिस्सों को आपस में जोड़ता है। गोरखनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा स्थानीय नागरिक भी बड़ी संख्या में इस रूट का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में परियोजना पूरी होने के बाद सड़क की क्षमता बढ़ने से वाहनों की आवाजाही को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। फोरलेन के निर्माण से इस क्षेत्र में यातायात दबाव को नियंत्रित करने और लोगों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने में भी मदद मिल सकती है। इसके साथ ही मंदिर क्षेत्र की ओर आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की संभावना है। एचएन सिंह चौराहे से गोरखनाथ मंदिर तक बन रहा यह फोरलेन गोरखपुर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने वाली अहम परियोजनाओं में शामिल है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की प्रगति देखी और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि काम की गुणवत्ता के साथ समयसीमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
245 करोड़ की परियोजना, समय पर पूरा कराने पर जोर
करीब 245.44 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा 4.230 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पूरा होने के बाद शहर के इस हिस्से में आवागमन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। सड़क की क्षमता बढ़ने से स्थानीय लोगों के साथ गोरखनाथ मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद अब संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी के सामने परियोजना को निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है। साथ ही तय समयसीमा के भीतर काम पूरा कर सड़क को आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता, गति, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। परियोजना पूरी होने के बाद यह मार्ग शहर के यातायात नेटवर्क को मजबूत करने के साथ गोरखनाथ मंदिर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी बेहतर कर सकता है।
फिलहाल मुख्यमंत्री के स्थलीय निरीक्षण के बाद निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल गए हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि 245 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली यह परियोजना निर्धारित मानकों और समयसीमा के अनुरूप कब तक पूरी होती है।
अंकित श्रीवास्तव की रिपोर्ट