भोपाल। मध्य प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के मौके पर भाजपा के ‘सेवा पखवाड़ा’ कार्यक्रमों के बीच होशंगाबाद से सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कांग्रेस की किसान नीति पर सवाल उठाए हैं।
मीडिया से बातचीत में भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक इन कार्यक्रमों के जरिए किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों सहित अलग-अलग वर्गों से संवाद किया जा रहा है। चौधरी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों से जुड़े सिंचाई, बिजली और पानी जैसे मुद्दों पर काम किया जा रहा है।
भाजपा सांसद ने कांग्रेस के लंबे शासनकाल का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि किसानों के हित में पर्याप्त ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से किसान हितैषी नीतियों का दावा किया जाता रहा है, लेकिन किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर उनकी पार्टी के दावों और जमीनी स्थिति में अंतर रहा है।

दर्शन सिंह चौधरी ने भाजपा सरकार की कृषि नीतियों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कई कृषि उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य के दायरे में लाकर सरकारी स्तर पर खरीद की गई है। उनके अनुसार इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बाजार में बेहतर सुरक्षा मिलने में मदद मिली है। सांसद ने केंद्र और राज्य सरकारों की किसान कल्याण योजनाओं का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यों का भी जिक्र किया।
भाजपा की ओर से सेवा पखवाड़ा के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें बाइक रैली, किसान चौपाल और संवाद कार्यक्रम शामिल हैं। पार्टी के अनुसार इन आयोजनों का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाना और सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाना है।
MSP, कृषि नीति और किसानों से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाजपा जहां अपनी सरकार की योजनाओं और खरीद व्यवस्था को उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है, वहीं कांग्रेस इन मुद्दों पर सरकार से सवाल उठाती रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में किसान और MSP से जुड़े मुद्दे मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बने रह सकते हैं।