मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में आदिवासी समाज की धार्मिक आस्था और भूमि अधिकारों से जुड़ा मामला सामने आया है। अजयगढ़ तहसील के ग्राम झिन्ना में पूजा स्थल की भूमि पर शादी हॉल निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध जताया। समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य रोकने की मांग की।
सोमवार को करीब 3 बजे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी करते हुए प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।ग्रामीणों ने ग्राम सरपंच राजकुमार यादव, बनहरी कला कमेटी अध्यक्ष संतू यादव और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा वर्ष 2010 में झिन्ना मंदिर परिसर की भूमि (कक्ष क्रमांक पी-282) को आदिवासी समुदाय के सामुदायिक अधिकारों और पूजा-अर्चना के लिए सुरक्षित किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थान पर स्थित शिव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में आदिवासी श्रद्धालु पहुंचते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त धार्मिक स्थल की भूमि पर जबरन शादी भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि निर्माण कार्य के लिए दो हरे सागौन के पेड़ों को भी काट दिया गया। विरोध करने पर ग्रामीणों ने कथित रूप से धमकी देने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि शादी हॉल का निर्माण पास में स्थित रसोईघर के पीछे खाली पड़ी जमीन पर कराया जाए, ताकि धार्मिक स्थल की व्यवस्था और आस्था प्रभावित न हो।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। अब प्रशासन की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि भूमि के उपयोग और निर्माण को लेकर आगे क्या निर्णय लिया जाता है।