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बाढ़-सुखाड़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम शेखर आनंद ने दिए तैयारियों के सख्त निर्देश

शेखपुरा में संभावित बाढ़ और सुखाड़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डीएम शेखर आनंद ने राहत, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, पशु चारा और नाव परिचालन को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

By: BS Yadav 
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बाढ़-सुखाड़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम शेखर आनंद ने दिए तैयारियों के सख्त निर्देश

बिहार : शेखपुरा जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।बैठक में डीएम ने बाढ़ की स्थिति में खाद्यान्न पैकेजिंग, पॉलीथिन शीट वितरण, राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को मजबूत रखने पर भी जोर दिया गया।

पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष जोर

डीएम ने प्रभावित इलाकों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चापानल, टैंकर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा। नगर निकायों में जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए पंपिंग सेट और सैनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित सड़कों की मरम्मत और आवश्यक स्थानों पर नाला निर्माण की व्यवस्था करने को भी कहा गया।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अलर्ट

जलजनित बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। डॉक्टरों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया गया।

पशुओं के लिए चारा और नाव परिचालन की व्यवस्था

आपदा की स्थिति में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और भूसा उपलब्ध कराने तथा पशु चिकित्सा शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही नावों के सुगम रजिस्ट्रेशन और आवश्यकता पड़ने पर उनके सुरक्षित परिचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

आपदा के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विद्युत विभाग को ट्रांसफॉर्मर लोड प्रबंधन, कृषि फीडरों के संचालन और विद्युत लाइनों के रखरखाव को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया।

घाटकुसुम्भा अंचल पर विशेष नजर

बैठक में जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए घाटकुसुम्भा अंचल पर विशेष निगरानी रखने की बात कही गई। इस अंचल की 5 पंचायतें और 24 राजस्व ग्राम हरोहर नदी के किनारे स्थित हैं। ऐसे में संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र पर विशेष नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन का उद्देश्य संभावित बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति में समय रहते राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है, ताकि आपदा की स्थिति में आम लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

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