गोरखपुर। जन्माष्टमी की रात जब मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही होंगी और आधी रात को ‘नंद के घर आनंद भयो’ की गूंज सुनाई देगी, उसी समय गोरखपुर के महिला जिला अस्पताल में भी नन्ही किलकारियां गूंजेंगी। जन्माष्टमी के दिन अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों का स्वागत इस बार खास अंदाज में किया जाएगा। महिला जिला अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात बालकों को नन्हा कान्हा और बालिकाओं को नन्ही राधा मानकर उनका अभिनंदन करने की तैयारी की जा रही है। अस्पताल प्रशासन की ओर से बधाई गीत बजाने, खुशियां बांटने और नवजातों के आगमन को यादगार बनाने की योजना है।
माता-पिता को दिए जाएंगे कपड़े और मिठाई
जिला महिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. अनिल कुमार झा के मुताबिक जन्माष्टमी के खास अवसर के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जन्माष्टमी के दिन जन्म लेने वाले बच्चों के माता-पिता को कपड़े और मिठाई भेंट की जाएगी।अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि इस विशेष दिन जन्म लेने वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए यह पल हमेशा यादगार बना रहे। जन्माष्टमी के उत्सव के बीच अस्पताल में आने वाले इन नन्हे मेहमानों का स्वागत भी उत्सव के रूप में किया जाएगा।

करीब 20 से 25 प्रसव होने का अनुमान
एसआईसी डॉ. अनिल कुमार झा के अनुसार जन्माष्टमी के दौरान महिला जिला अस्पताल में करीब 20 से 25 प्रसव होने का अनुमान है। इसी को देखते हुए प्रत्येक नवजात के स्वागत को खास बनाने की तैयारी की जा रही है।वहीं कुछ परिवारों में भी जन्माष्टमी के दिन बच्चे के जन्म को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चे के जन्म का समय तय करने में चिकित्सकीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
शुभ मुहूर्त से ज्यादा जरूरी मां और बच्चे का स्वास्थ्य
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक जन्माष्टमी के शुभ अवसर को लेकर उत्साह अपनी जगह है, लेकिन प्रसव की तारीख या सीजेरियन डिलीवरी से जुड़ा कोई भी निर्णय केवल चिकित्सकीय आवश्यकता और मां-बच्चे की सुरक्षित स्थिति को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।यानी किसी विशेष मुहूर्त में प्रसव कराने के लिए चिकित्सा संबंधी निर्णय में बदलाव नहीं किया जाएगा। डॉक्टरों की प्राथमिकता मां और नवजात दोनों का स्वास्थ्य और सुरक्षा रहेगी।
मंदिरों से अस्पताल तक पहुंचेगा जन्माष्टमी का उत्सव
जन्माष्टमी की रात गोरखपुर में मंदिरों में कान्हा के जन्म की खुशियां मनाई जाएंगी, घंटियां बजेंगी और बधाई गीत गूंजेंगे। इसी बीच महिला जिला अस्पताल में किसी मां की गोद में जब नन्हा मेहमान आएगा तो उसकी किलकारी भी इस पर्व की खुशियों को और खास बनाएगी। इस बार गोरखपुर में जन्माष्टमी का उत्सव सिर्फ मंदिरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिला जिला अस्पताल में जन्म लेने वाले नन्हे कान्हा और राधा के स्वागत के साथ अस्पताल की दहलीज तक भी पहुंचेगा।
अंकित श्रीवास्तव की रिपोर्ट