खाना खाने के तुरंत बाद तेज चाल से टहलना आमतौर पर सही नहीं माना जाता। भोजन के बाद शरीर का अधिकतर ब्लड फ्लो पाचन तंत्र की ओर जाता है ताकि खाना अच्छे से पच सके।
खाना खाने के तुरंत बाद तेज चाल से टहलना आमतौर पर सही नहीं माना जाता। भोजन के बाद शरीर का अधिकतर ब्लड फ्लो पाचन तंत्र की ओर जाता है ताकि खाना अच्छे से पच सके।
शरीर में पानी की कमी कई कारणों से हो सकती है-दिनभर पर्याप्त पानी न पीना, ज्यादा पसीना आना, उल्टी-दस्त, बुखार, धूप में लंबे समय तक काम करना या ज्यादा व्यायाम करना।
हाथ-पैर सुन्न होना कभी सामान्य हो सकता है, तो कभी नसों की गंभीर समस्या का संकेत। जानिए इसके कारण, खतरनाक लक्षण और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
यदि परिवार में दिल की बीमारी रही है, तो डॉक्टर की सलाह से हर 6-12 महीने में एक बार यह टेस्ट कराना उपयोगी हो सकता है।
कान की देखभाल में कम छेड़छाड़ ही सबसे अच्छी देखभाल है। शक होने पर सिर्फ ईएनटी डॉक्टर की सलाह लें-यही सबसे सुरक्षित और सही रास्ता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, 25 वर्ष की आयु तक एंग्जायटी, ध्यान की समस्या (ADHD), खाने से जुड़े विकार जैसी समस्याओं के अधिकांश मामले सामने आ चुके होते हैं। वहीं, डिप्रेशन के केस भी अब पहले की तुलना में कहीं कम उम्र में देखने को मिल रहे हैं।
अधिकतर मामलों में यूरिन का पीला होना पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) का संकेत होता है। जब शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो यूरिन गाढ़ा हो जाता है और उसका रंग गहरा पीला दिखाई देने लगता है।
पीसीओडी में शरीर में एंड्रोजन (मेल हॉर्मोन) का स्तर बढ़ सकता है, जिससे पीरियड्स, स्किन और वजन पर असर पड़ता है। लंबे समय तक बैठे रहना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, ज्यादा जंक फूड, मीठा और स्ट्रेस-ये सभी कारक इसके जोखिम को बढ़ाते हैं।
हार्ट अटैक आने से पहले शरीर कई चेतावनी संकेत देता है। जानिए सीने के दर्द के अलावा अन्य लक्षण, कारण और बचाव के आसान उपाय।
पेट में बार-बार दर्द को न करें नजरअंदाज। जानिए इसके पीछे छिपी बीमारियां, लक्षण, बचाव के उपाय और डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है।
हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं होता, लेकिन बार-बार और तेज दर्द को नजरअंदाज़ न करें। सही पहचान से समय पर इलाज और बेहतर नियंत्रण संभव है।
आजकल घंटों एक ही पोज़िशन में बैठकर काम करना आम है। गलत पोस्चर, लैपटॉप/मोबाइल पर झुकी हुई गर्दन और पीठ पर लगातार दबाव-ये सब मसल्स को ओवरलोड करते हैं।
मेडिकल भाषा में खाते समय पसीना आने की समस्या को गस्टेटरी स्वेटिंग (Gustatory Sweating) कहा जाता है। यह स्थिति तब होती है जब खाना खाते समय शरीर की नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाती है और पसीना निकलने लगता है।
सामान्य भूल या गंभीर समस्या? समझना है ज़रूरी...
आधुनिक जीवनशैली में काम का दबाव, देर रात तक मोबाइल या स्क्रीन स्क्रॉल करना और अनियमित दिनचर्या लोगों की नींद का टाइम टेबल बिगाड़ रही है।