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हाथ-पैर सुन्न होना: कब सामान्य और कब नसों की समस्या का संकेत?

हाथ-पैर सुन्न होना कभी सामान्य हो सकता है, तो कभी नसों की गंभीर समस्या का संकेत। जानिए इसके कारण, खतरनाक लक्षण और कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

By: Abhinav Tiwari 
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हाथ-पैर सुन्न होना: कब सामान्य और कब नसों की समस्या का संकेत?

कई लोगों को हाथ-पैर में सुन्नपन या झनझनाहट की शिकायत रहती है। अक्सर इसे सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, लेकिन हर बार ऐसा करना सही नहीं होता। कभी-कभी यह रोज़मर्रा की आदतों से जुड़ा अस्थायी असर होता है, तो कभी नसों या शरीर की किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसलिए यह समझना ज़रूरी है कि हाथ-पैर सुन्न होना कब सामान्य है और कब सावधान होने की ज़रूरत है।

हाथ-पैर सुन्न होना कब सामान्य माना जाता है?

अगर हाथ या पैर थोड़ी देर के लिए सुन्न हो जाएं और पोज़िशन बदलते ही ठीक हो जाएं, तो आमतौर पर इसे सामान्य माना जाता है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना, पैर पर पैर चढ़ाकर बैठना, हाथ दब जाना या गलत तरीके से सोना नसों पर अस्थायी दबाव डाल सकता है। इसी वजह से कुछ समय के लिए झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होता है। इसके अलावा, लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करने से भी कलाई और उंगलियों की नसों पर दबाव पड़ सकता है, जिससे हल्का सुन्नपन हो सकता है।

कब यह नसों की समस्या का संकेत हो सकता है?

अगर हाथ-पैर में सुन्नपन बार-बार बिना किसी स्पष्ट कारण के होने लगे, लंबे समय तक बना रहे या इसके साथ दर्द, जलन, कमजोरी या सुई-चुभन जैसा एहसास हो, तो यह नसों की गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। डायबिटीज में नर्व डैमेज होने पर हाथ-पैर सुन्न हो सकते हैं। इसी तरह शरीर में विटामिन बी12 की कमी, थायरॉयड की समस्या या ब्लड सर्कुलेशन ठीक न होने पर भी ऐसी शिकायत हो सकती है। गर्दन या कमर की नस दबने से हाथ-पैर में लगातार झनझनाहट महसूस होना भी आम कारण है।

कौन से लक्षण गंभीर माने जाते हैं?

कुछ स्थितियों में सुन्नपन को बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। अगर चलते समय डगमगाहट हो, संतुलन बिगड़ने लगे या सीधे खड़े रहने में परेशानी आए, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है। अचानक शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन के साथ बोलने में दिक्कत, चेहरे का टेढ़ा होना या कमजोरी महसूस होना स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना ज़रूरी है।

हाथ-पैर सुन्न होने पर क्या करें?

अगर सुन्नपन कभी-कभी होता है और जल्दी ठीक हो जाता है, तो अपनी बैठने और सोने की पोज़िशन सुधारें। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में न रहें और हल्की स्ट्रेचिंग करें। संतुलित आहार लें, ताकि विटामिन और मिनरल की कमी न हो। नियमित व्यायाम, सही पोस्टचर और स्क्रीन टाइम को सीमित रखना भी मददगार हो सकता है। लेकिन अगर सुन्नपन बार-बार हो रहा है, लंबे समय तक बना रहता है या दर्द-कमजोरी के साथ है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ज़रूरी जांच कराना बेहतर है।

यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें। प्रस्तुत जानकारी की सत्यता, प्रभाव या परिणामों की RNI कोई पुष्टि या जिम्मेदारी नहीं लेता।

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