1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. शिवपुरी में स्टोन क्रेशर की ब्लास्टिंग से किसानों की बढ़ी मुश्किलें, फसल नुकसान का आरोप लगाकर कलेक्टर से लगाई गुहार

शिवपुरी में स्टोन क्रेशर की ब्लास्टिंग से किसानों की बढ़ी मुश्किलें, फसल नुकसान का आरोप लगाकर कलेक्टर से लगाई गुहार

शिवपुरी के ग्राम पारागढ़ के किसानों ने स्टोन क्रेशर की ब्लास्टिंग से फसल और खेतों को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। किसानों ने सर्वे, मुआवजा और ब्लास्टिंग पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।

By: Nivedita 
Updated:
शिवपुरी में स्टोन क्रेशर की ब्लास्टिंग से किसानों की बढ़ी मुश्किलें, फसल नुकसान का आरोप लगाकर कलेक्टर से लगाई गुहार

शिवपुरी । जिले के करैरा तहसील अंतर्गत ग्राम पारागढ़ के किसानों ने स्टोन क्रेशर की ब्लास्टिंग से फसलों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर से न्याय की मांग की। किसानों का कहना है कि बुआई के तुरंत बाद हुई तेज ब्लास्टिंग के कारण बड़े-बड़े पत्थर खेतों में आ गिरे, जिससे फसल और खेती दोनों प्रभावित हुई हैं।

बुआई के बाद खेतों में गिरे पत्थर, फसल को हुआ नुकसान

ग्रामीणों के अनुसार, लंबे इंतजार के बाद बारिश होने पर उन्होंने खेतों में बुआई पूरी की थी। लेकिन अगले ही दिन पास में संचालित स्टोन क्रेशर में हुई ब्लास्टिंग के दौरान पहाड़ से निकले पत्थर कई सौ मीटर दूर तक उड़कर खेतों में आ गिरे। किसानों का दावा है कि इससे बीज, फसल और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है तथा कई खेतों में ट्रैक्टर चलाना भी मुश्किल हो गया है।

धूल और कंपन से खेती के साथ स्वास्थ्य पर भी असर

किसानों का कहना है कि लगातार होने वाली ब्लास्टिंग से उड़ने वाली धूल फसलों की पत्तियों पर जम रही है, जिससे उनकी बढ़वार प्रभावित हो रही है। वहीं तेज कंपन के कारण खेतों के कुएं और आसपास की संरचनाओं में दरारें आने की शिकायत भी ग्रामीणों ने की है। ग्रामीणों का कहना है कि धूल और धमाकों के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है।

 

कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में करैरा एसडीएम, कलेक्टर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

सर्वे और मुआवजे की मांग

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित खेतों, फसलों और क्षतिग्रस्त कुओं का राजस्व विभाग से सर्वे कराया जाए तथा नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

 

रिपोर्ट – कुलदीप गुप्ता

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...