शिवपुरी के कुंवरपुर शिव मंदिर प्रकरण को लेकर हिंदू संगठनों ने पोहरी चौराहे पर चक्काजाम कर आरोपी पर एनएसए लगाने और जिलाबदर करने की मांग की। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
शिवपुरी के कुंवरपुर शिव मंदिर प्रकरण को लेकर हिंदू संगठनों ने पोहरी चौराहे पर चक्काजाम कर आरोपी पर एनएसए लगाने और जिलाबदर करने की मांग की। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
शिवपुरी के ग्राम गताझलकुई के ग्रामीणों ने जनसुनवाई में पिछले तीन से चार महीने से राशन नहीं मिलने की शिकायत की है। उन्होंने अंगूठा लगवाकर राशन नहीं देने और निर्धारित मात्रा से कम राशन वितरण के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासन की जांच के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
शिवपुरी में दुग्ध व्यापारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दूध की खरीद-बिक्री को फैट और एसएनएफ आधारित वैज्ञानिक जांच प्रणाली से कराने की मांग की है। संघ ने मावा रिकवरी के आधार पर दूध खरीदने की प्रथा पर रोक, एफएसएसएआई पंजीयन और अमानक दूध बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
शिवपुरी के ग्राम पारागढ़ के किसानों ने स्टोन क्रेशर की ब्लास्टिंग से फसल और खेतों को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। किसानों ने सर्वे, मुआवजा और ब्लास्टिंग पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
शिवपुरी के न्यू ब्लॉक और जवाहर गंज क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो के कारण सड़क पर गंदा पानी और मलबा फैल गया है। स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और संबंधित विभागों पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। रहवासियों ने सीवर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
शिवपुरी में दूध विक्रेताओं ने दूध खरीद दर 55 रुपये से घटाकर 50 रुपये किए जाने का विरोध किया है। संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर पूर्व समझौते के अनुसार भुगतान की मांग की है और समाधान नहीं होने पर 15 दिन की हड़ताल की चेतावनी दी है।
शिवपुरी के सतनवाड़ा कलां निवासी किसान हरिवल्लभ धाकड़ ने जनसुनवाई में शिकायत की कि पेयजल संकट के दौरान गांव को मुफ्त में पानी उपलब्ध कराने के बावजूद बिजली विभाग ने उनके खिलाफ 1.82 लाख रुपये का विद्युत प्रकरण बना दिया। उन्होंने कार्रवाई निरस्त करने और मामले की जांच की मांग की।
शिवपुरी जिले के खोंकर, निवोदा और सेसई गांवों के ग्रामीणों ने बिजली समस्या को लेकर जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन दिया। ग्रामीणों ने पड़ोरा फीडर से पर्याप्त बिजली नहीं मिलने, मोटर खराब होने और अनियमित कटौती की शिकायत करते हुए समाधान की मांग की।
राजस्थान के गंगानगर में 13 वर्षीय बच्ची के साथ हुई कथित जघन्य घटना के विरोध में शिवपुरी में सर्व समाज ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। लोगों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने और महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।
शिवपुरी के छितिपुर गांव स्थित एक मंदिर में इंसानी मल-मूत्र मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक युवक को हिरासत में लिया है। परिजनों का दावा है कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
शिवपुरी में सोशल मीडिया पर सक्रिय ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के युवाओं ने प्रेस वार्ता कर शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक मामलों पर सवाल उठाए। युवाओं ने नीट पेपर लीक सहित अन्य मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शिक्षा नीति में सुधार और परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने की बात कही। साथ ही नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को सरल करने की भी मांग की। संगठन ने इसे सोशल मीडिया अभियान
शिवपुरी के भुजरियां तालाब पर जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत श्रमदान किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लेकर जल संरक्षण और जल स्रोतों के पुनर्जीवन का संदेश दिया तथा जनभागीदारी को इसकी सफलता के लिए आवश्यक बताया।
शिवपुरी में पीएचई विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी भगवान लाल राठौर ने समय पर पेंशन शुरू न होने पर कलेक्टर से गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्ति के करीब एक वर्ष बाद भी पेंशन शुरू नहीं हुई, जिससे वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। पीड़ित ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे गंभीर कदम उठाने को मजबूर होंगे।
शिवपुरी जिले के ग्राम गताझलकुई में ग्रामीणों ने चार महीने से राशन नहीं मिलने पर सरकारी राशन दुकान के बाहर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि सेल्समैन फिंगरप्रिंट लेने के बाद भी अनाज नहीं दे रहा और ऑनलाइन रिकॉर्ड में वितरण दिखाया जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार रामनरेश आर्य मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दोषियों पर कार्रवाई और बकाया राशन वितरण की मांग की
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक है। कई गांवों में नल-जल योजनाएं कागजों तक सीमित हैं, जबकि हैंडपंप या तो खराब पड़े हैं या पानी देना बंद कर चुके हैं। महिलाएं और बच्चे रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं।