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जाम से कराह रहा सासाराम, पोस्ट ऑफिस चौराहे पर नो-पार्किंग में ई-रिक्शा का जमावड़ा

सासाराम में लगातार जाम की समस्या से आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है। पोस्ट ऑफिस चौराहे के पास नो-पार्किंग जोन में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा खड़े होने और शहर के कई हिस्सों में अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। प्रशासन की CCTV निगरानी और समय-समय पर कार्रवाई के बावजूद समस्या बनी हुई है।

By: Nivedita 
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जाम से कराह रहा सासाराम, पोस्ट ऑफिस चौराहे पर नो-पार्किंग में ई-रिक्शा का जमावड़ा

सासाराम शहर में लगातार लग रहे जाम ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आए दिन अलग-अलग इलाकों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के कई प्रमुख चौराहों पर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग को जाम की बड़ी वजह माना जा रहा है।

पोस्ट ऑफिस चौराहे पर नो-पार्किंग में ई-रिक्शा

सासाराम के पोस्ट ऑफिस चौराहे के पास नो-पार्किंग जोन में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा खड़े नजर आते हैं। यहां वाहन चालकों द्वारा सड़क किनारे ई-रिक्शा खड़े करने से सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और यातायात प्रभावित होता है।नो-पार्किंग क्षेत्र में इस तरह वाहनों का जमावड़ा होने से राहगीरों के साथ दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी होती है।

शहर में अतिक्रमण भी जाम की बड़ी वजह

सासाराम के कई प्रमुख चौराहों और सड़कों पर अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। सड़क किनारे अस्थायी दुकानें और बेतरतीब तरीके से खड़े वाहन यातायात के लिए उपलब्ध जगह को कम कर देते हैं। पीक ऑवर्स में वाहनों का दबाव बढ़ने के साथ यह समस्या और गंभीर हो जाती है।

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से बढ़ रही परेशानी

शहर में जाम की स्थिति के पीछे यातायात नियमों की अनदेखी भी एक महत्वपूर्ण कारण है। नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़े करने और निर्धारित स्थानों के बजाय सड़क पर ई-रिक्शा रोकने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की ओर से समय-समय पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन इसके बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पाई है।

CCTV से ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर

रोहतास जिला प्रशासन की ओर से यातायात व्यवस्था पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया गया है कि जिलाधिकारी स्वयं भी सीसीटीवी फुटेज के जरिए ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर रखते हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर नो-पार्किंग और अतिक्रमण की स्थिति दिखाई देना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

स्कूली बच्चों और आम लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी

जाम का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ रहा है। सड़क पर लंबे समय तक वाहन फंसे रहने के कारण स्कूली बच्चों को परेशानी होती है और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने, नो-पार्किंग जोन में सख्ती और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित स्टैंड की व्यवस्था होने से शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार हो सकता है।

 

रिपोर्ट – अविनाश श्रीवास्तव 

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