बालाघाट: कभी नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे बालाघाट जिले के ग्राम बोंदारी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहुंचकर जनजातीय समुदाय के लोगों से संवाद किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र में विकास और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस दौरान जिले के 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की बात कही गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नक्सल प्रभावित रहे गांवों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पशुपालन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही ग्रामीणों के लिए आवास, पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी तरीके से पहुंचे और कोई भी गांव विकास की प्रक्रिया से पीछे न रहे। उन्होंने स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाओं को लागू करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 25 वर्षों के अंतराल के बाद मुख्यमंत्री या मंत्री स्तर का इस क्षेत्र में पहुंचना अपने आप में बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया दौर शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री ने बैगा समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैगा और अन्य जनजातीय समुदायों की पारंपरिक कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों के लिए आय के नए साधन विकसित करने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी। सरकार स्थानीय संसाधनों और क्षेत्र की विशेषताओं के आधार पर रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों ने नक्सलवाद का दौर देखा है, वहां अब शांति के साथ विकास को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाकर गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य है।