शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना ने वार्ड क्रमांक 27 स्थित ज्योति नगर में 22.44 लाख रुपये की लागत से निर्मित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमियां सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि भवन निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता और स्वीकृत मापदंडों के अनुरूप नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने संबंधित नगर पालिका इंजीनियर की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
गुणवत्ता पर उठे सवाल
मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ऋजु बाफना ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण में संभावित तकनीकी खामियों और मानकों के पालन को लेकर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।निर्माण कार्य में अपेक्षित गुणवत्ता नहीं मिलने पर कलेक्टर ने संबंधित नगर पालिका इंजीनियर के प्रति नाराजगी व्यक्त की और मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए।

जांच समिति गठित करने के निर्देश
कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. कमला आर्य को निर्देशित किया कि मामले की जांच के लिए समिति गठित की जाए।उन्होंने कहा कि जांच में यदि निर्माण कार्य में लापरवाही या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इंजीनियर से राशि वसूली की होगी कार्रवाई
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जांच रिपोर्ट में दोष सिद्ध होने पर संबंधित नगर पालिका इंजीनियर से राशि वसूली की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से निर्मित परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका सीएमओ भूपेंद्र दीक्षित, जिला कार्यक्रम प्रबंधक शैलेन्द्र सोनी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार गंगोरिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।अधिकारियों ने कलेक्टर को निर्माण कार्य और क्लिनिक की प्रस्तावित सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी।
स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता पर जोर
कलेक्टर ऋजु बाफना ने कहा कि मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक जैसी स्वास्थ्य परियोजनाएं आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई जा रही हैं। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।