मध्य प्रदेश में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को चुस्त-दुरुस्त बनाने और जनता को त्वरित लाभ पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब राज्य का कोई भी अधिकारी शुक्रवार को दफ्तरों में बैठकें आयोजित नहीं करेगा, बल्कि सीधे ग्राउंड लेवल पर जाकर योजनाओं और जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों की समीक्षा करेगा।
छिंदवाड़ा स्थित एफडीडीआई ऑडिटोरियम में आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रशासनिक सुशासन केवल फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसी उद्देश्य से छिंदवाड़ा से ‘जन विश्वास अभियान’ का आगाज़ किया जा रहा है। यह अभियान 7 जनवरी 2027 तक प्रत्येक शुक्रवार को संचालित होगा। इस दौरान अधिकारी जनता के बीच उपस्थित रहकर मैदानी समस्याओं को समझेंगे और उनका तत्काल समाधान निकालेंगे।
प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार बड़े पैमाने पर कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान 1 लाख से अधिक पदों पर भर्तियाँ की जा चुकी हैं, और अब 2 लाख अतिरिक्त शासकीय पदों पर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया चल रही है:

वर्षों से अटकी शासकीय कर्मचारियों की पदोन्नति (Promotions) पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। छिंदवाड़ा जिले में ही 1,281 अधिकारियों-कर्मचारियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाकी बचे पात्र अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को सितंबर-अक्टूबर 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर गरीब, किसान, युवा और महिला शक्ति (ज्ञान) के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और सेवा भावना से जनता के हितों में कार्य करें।