भोपाल। नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों में विभिन्न समुदायों की भागीदारी को लेकर चर्चा के बीच भोपाल से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने गरबा आयोजनों में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी को लेकर अपनी राय रखते हुए इसे धार्मिक परंपरा और आस्था से जोड़कर देखा।
रामेश्वर शर्मा ने कहा कि गरबा सिर्फ मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि मां की आराधना और सनातन परंपरा से जुड़ा धार्मिक आयोजन है। उनके मुताबिक, जो लोग गरबा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें आयोजन की धार्मिक प्रकृति और उससे जुड़ी परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरबा में शामिल होने वाले लोगों को मां की आराधना में हिस्सा लेना चाहिए और आयोजन को धार्मिक स्वरूप के अनुरूप ही रखना चाहिए।
बीजेपी विधायक ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के लोग अगर गरबा में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें अपनी बहन-बेटियों के साथ आयोजन में आना चाहिए। उन्होंने गरबा कार्यक्रमों को केवल मनोरंजन या दिखावे तक सीमित नहीं रखने की बात कही। शर्मा ने गरबा को लेकर कहा कि इसे धार्मिक आयोजन के रूप में ही देखा जाना चाहिए और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

अपने बयान में रामेश्वर शर्मा ने भगवान राम, भगवान कृष्ण, भगवान महावीर और गौतम बुद्ध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गरबा में शामिल होने वालों को इन महापुरुषों और धार्मिक परंपराओं के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए। उन्होंने आयोजन में सनातन परंपराओं के पालन और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने पर जोर दिया।
नवरात्रि के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में गरबा आयोजनों में प्रवेश और प्रतिभागियों की पहचान को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। इसी पृष्ठभूमि में रामेश्वर शर्मा का यह बयान सामने आया है। विधायक के बयान के बाद इस मुद्दे पर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है। गरबा आयोजनों में प्रवेश से जुड़े नियम अलग-अलग आयोजकों और स्थानीय व्यवस्थाओं के अनुसार तय किए जाते हैं।