दिल्ली । केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले पंजाब से नशा खत्म करने को लेकर तय की गई समयसीमा पूरी नहीं हुई और राज्य में समस्या अब भी बनी हुई है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की ओर से पंजाब में नशे को समाप्त करने के लिए तीन महीने की समयसीमा की बात कही गई थी। उनके मुताबिक, यह समयसीमा एक से अधिक बार आगे बढ़ी, लेकिन नशे की समस्या का समाधान नहीं हो सका। केंद्रीय मंत्री ने पंजाब सरकार की नशा विरोधी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य में नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है।
चौहान ने अपने बयान में पंजाब में सक्रिय कथित नशा तस्करों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को संरक्षण किसका मिल रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई में बाधा क्यों आ रही है।उन्होंने पंजाब सरकार से यह भी सवाल किया कि आखिर किन परिस्थितियों में नशे के कथित कारोबारी लगातार सक्रिय हैं और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।

शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि पंजाब पुलिस ने कुछ महिलाओं को थाने में बैठाया, जो अपनी समस्याएं और शिकायतें उनके सामने रखने के लिए आ रही थीं। उन्होंने इस कार्रवाई को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सवाल उठाए। चौहान ने कहा कि सरकार को लोगों की शिकायतें सुनने और उनकी समस्याओं का समाधान करने पर ध्यान देना चाहिए।
पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रहा है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्षी दल राज्य सरकार को घेरते रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान का ताजा बयान भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा है। उन्होंने पंजाब सरकार से नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।