खंडवा। अवैध इमारती लकड़ी के कारोबार पर कार्रवाई करते हुए वन मंडल खंडवा की खंडवा रेंज की संयुक्त टीम ने सोमवार सुबह टिटगांव और खड़करी गांव में दबिश दी। करीब 6 बजे शुरू हुए तलाशी अभियान के दौरान कई मकानों और उनके पीछे बने स्थानों की जांच की गई। टीम को अलग-अलग जगहों से बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ी मिली, जिसे वन विभाग ने जब्त कर लिया है।
वन विभाग की टीम सोमवार तड़के टिटगांव पहुंची और गांव के विभिन्न स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। टीम ने मकानों के साथ उनके पीछे स्थित परिसरों और अन्य जगहों की भी जांच की। तलाशी के दौरान जहां-जहां इमारती लकड़ी मिली, उसे मौके पर जब्त करने की कार्रवाई की गई। विभाग की टीम बरामद लकड़ी से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटा रही है।
वन विभाग के अनुसार, जब्त की गई लकड़ी में सागौन सहित अन्य इमारती प्रजातियों की लकड़ी शामिल है। मौके पर लकड़ी के लट्ठे और चिरान भी पाए गए। अधिकारी अब बरामद लकड़ी की प्रजाति, मात्रा और वैधता का विस्तृत आकलन कर रहे हैं। लकड़ी के उपयोग और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

टिटगांव के बाद वन विभाग की टीम खड़करी गांव पहुंची, जो टिटगांव से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया गया है। यहां भी कुछ मकानों के पीछे लकड़ी रखे होने की जानकारी सामने आई। टीम ने मौके पर लकड़ी की जांच और नाप-जोख की। इसके बाद संबंधित लकड़ी को जब्ती प्रक्रिया के तहत अपने कब्जे में लिया गया।
वन विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि जब्त लकड़ी कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों ने एकत्र कर रखा था। इसके लिए लकड़ी से संबंधित दस्तावेज और उसकी वैधता की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लकड़ी का स्रोत क्या था और मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है। इसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
टिटगांव क्षेत्र इमारती लकड़ी से जुड़ी वन विभाग की कार्रवाई के चलते पहले भी चर्चा में रहा है। क्षेत्र में पूर्व में भी लकड़ी जब्त किए जाने की कार्रवाई सामने आ चुकी है। सोमवार को टिटगांव के साथ खड़करी में हुई संयुक्त कार्रवाई के बाद वन विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। विभाग द्वारा जब्त लकड़ी की प्रजाति, मात्रा और वैधता का परीक्षण किया जा रहा है।