गोपालगंज। शहर के बीच से गुजरने वाली छाड़ी नदी की बदहाल स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। नदी की जमीन पर अतिक्रमण और जगह-जगह जमा कचरे को लेकर जिलाधिकारी समीर सौरभ ने संबंधित अधिकारियों को नदी क्षेत्र का सर्वे कराने और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम के निर्देश के बाद नदी की जमीन और उस पर हुए संभावित अतिक्रमण की पहचान के लिए अमीनों की टीम लगाई गई है। टीम हजियापुर, गोपालगंज और असारिया मोड़ सहित अलग-अलग इलाकों में नदी की भूमि की पैमाइश कर रही है। सर्वे के दौरान नदी की वास्तविक सीमा और अतिक्रमण वाले स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि पैमाइश पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नदी की जमीन पर पक्का निर्माण या अन्य प्रकार का अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा। उन्हें निर्धारित समय में अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया जाएगा। प्रशासन के मुताबिक, तय अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और नदी की जमीन को खाली कराया जाएगा।

छाड़ी नदी में अतिक्रमण के अलावा कचरा जमा होने की समस्या भी सामने आई है। इससे नदी के पानी का प्रवाह प्रभावित होने और आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव व दुर्गंध की स्थिति बनने की बात कही गई है। प्रशासन की योजना केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है। नदी क्षेत्र की सफाई कराने और जल प्रवाह को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किए जाने की बात कही गई है।
सदर सीओ रजत कुमार बरनवाल के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देश पर अमीनों की टीम नदी की जमीन की पैमाइश कर रही है। सर्वे पूरा होने के बाद अतिक्रमण से संबंधित रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य छाड़ी नदी की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के साथ नदी की स्थिति में सुधार लाना है।