टीकमगढ़ स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर की भूमि और सार्वजनिक मार्ग पर कथित अतिक्रमण के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। मंदिर समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने जिला प्रशासन को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
याचिका में आरोप लगाया गया कि संबंधित भूमि पर कथित रूप से अवैध पिलर, लोहे का गेट और अन्य निर्माण कर सार्वजनिक रास्ते तथा मंदिर तक पहुंचने वाले मार्ग को प्रभावित किया गया है। मंदिर समिति की ओर से कहा गया कि इससे श्रद्धालुओं और आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
मामले की सुनवाई के दौरान मंदिर समिति की ओर से अधिवक्ताओं अभिषेक द्विवेदी और अविरल जैन ने अदालत के समक्ष पक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने न्यायालय को बताया कि संबंधित मामले में प्रशासन से शिकायत किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने टीकमगढ़ कलेक्टर को निर्देश दिए कि आदेश की प्रति प्राप्त होने के बाद दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर देते हुए 90 दिनों के भीतर प्रकरण का नियमानुसार निराकरण किया जाए। न्यायालय ने तय समयसीमा में उचित निर्णय सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब इस मामले में जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें हैं। संबंधित पक्षों को उम्मीद है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामले का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान किया जाएगा।