बड़वानी जिले के शासकीय कन्या अजा महाविद्यालय छात्रावास क्रमांक 1 और 2 की 50 से अधिक छात्राएं बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने छात्रावास की वार्डन पर राशन में कटौती, दुर्व्यवहार और मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसे गंभीर आरोप लगाए। करीब दो घंटे इंतजार के बाद एक अधिकारी ने उनका ज्ञापन लिया और समाधान का आश्वासन दिया।
छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। ट्यूबवेल केवल कुछ समय के लिए ही चलता है और नल भी सीमित समय तक ही उपलब्ध रहते हैं। इससे 100 से अधिक छात्राओं को गर्मी के मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्राओं का कहना है कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि पहले मिलने वाला राशन 12 किलो गेहूं और 2 किलो चावल से घटाकर 6–7 किलो गेहूं और 1 किलो चावल कर दिया गया है। साथ ही कई छात्राओं को पिछले 6–7 महीनों से छात्रवृत्ति और 10वीं की राशि भी नहीं मिली है। छात्राओं ने वार्डन पर यह भी आरोप लगाया कि राशन वितरण में अनियमितता है और अभद्र व्यवहार किया जाता है।
छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में लगाए गए कंप्यूटर पिछले कई वर्षों से उपयोग में नहीं हैं क्योंकि इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है। वहीं लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित उपयोगी पुस्तकों की कमी है और वहां अनुपयोगी किताबें रखी हुई हैं।
वहीं वार्डन वंदना चौहान ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि बजट की कमी के कारण कुछ समस्याएं आ रही हैं, लेकिन अधिकांश सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राशन और अन्य व्यवस्थाएं नियमानुसार दी जा रही हैं।
छात्राओं ने बताया कि उन्होंने पहले भी सहायक आयुक्त से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब कलेक्टर कार्यालय से भी केवल आश्वासन मिलने के बाद वे असंतुष्ट और असमंजस में हैं कि अपनी समस्याओं का समाधान कहां से मिलेगा।