कान में जमने वाली गंदगी को ईयर वैक्स (Ear Wax / Cerumen) कहते हैं। आमतौर पर लोग इसे गंदगी समझकर उंगली, रुई या किसी नुकीली चीज़ से निकालने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह तरीका गलत और नुकसानदायक हो सकता है। आइए सरल भाषा में समझते हैं-ईयर वैक्स क्यों बनता है, इसे कैसे साफ करना सुरक्षित है और सड़क पर बैठने वालों से सफाई कराना कितना जोखिम भरा है।
ईयर वैक्स कान की प्राकृतिक सुरक्षा परत है। इसका काम:
धूल-मिट्टी और कीड़ों को कान में जाने से रोकना
बैक्टीरिया और फंगस से बचाव करना
कान की त्वचा को नम रखना
कम मात्रा में वैक्स होना सामान्य और जरूरी है। समस्या तब होती है जब वैक्स ज्यादा बनकर जम जाता है।
नहीं। बिल्कुल नहीं।
उंगली, माचिस की तीली या कॉटन बड वैक्स को और अंदर धकेल देती है
इससे कान का पर्दा (eardrum) खराब हो सकता है
इंफेक्शन, दर्द और सुनने की समस्या का खतरा बढ़ता है
अगर वैक्स कम है, तो कान खुद-ब-खुद साफ हो जाता है। अंदर कुछ डालने की जरूरत नहीं।
यह बहुत खतरनाक है।
वे डॉक्टर नहीं होते
औजार स्टरलाइज्ड नहीं होते
जरा-सी गलती से कान का पर्दा फट सकता है
इंफेक्शन, पस, चक्कर और स्थायी सुनने की समस्या हो सकती है
कभी भी सड़क पर बैठने वालों से कान साफ न कराएं। फायदा नहीं, नुकसान ज्यादा है।
ईएनटी डॉक्टर से दिखाएं
डॉक्टर माइक्रोस्कोप और विशेष उपकरण से सुरक्षित तरीके से वैक्स निकालते हैं
जरूरत पड़ने पर ईयर ड्रॉप्स दी जाती हैं, जिससे वैक्स नरम होकर आसानी से निकल जाता है
घर पर खुद से कुछ डालना या निकालना सुरक्षित नहीं।
हाँ।
अगर वैक्स कम मात्रा में है, तो वह धीरे-धीरे बाहर आ जाता है
बार-बार कान में उंगली या चीजें डालने से यह प्रक्रिया बिगड़ जाती है
कान में तेज दर्द
कान से पानी या पस आना
अचानक सुनाई कम देने लगना
सिर में तेज दर्द या चक्कर
कान की देखभाल में कम छेड़छाड़ ही सबसे अच्छी देखभाल है। शक होने पर सिर्फ ईएनटी डॉक्टर की सलाह लें-यही सबसे सुरक्षित और सही रास्ता है।
यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें। प्रस्तुत जानकारी की सत्यता, प्रभाव या परिणामों की RNI कोई पुष्टि या जिम्मेदारी नहीं लेता।