एक फरियादी द्वारा थाना मोहन बड़ोदिया में सूचना दी गई कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग बहन घर से किराना सामान लेने के लिए दुकान गई थी, लेकिन उसके बाद वह वापस नहीं लौटी। प्रारंभिक जांच में यह संदेह व्यक्त किया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बालिका को बहला-फुसलाकर कहीं ले जाया गया है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना मोहन बड़ोदिया में अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा अपहृता की शीघ्र तलाश हेतु ₹5000 के इनाम की घोषणा की गई। पुलिस अधीक्षक श्री यशपाल सिंह राजपूत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री घनश्याम मालवीय एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) शाजापुर श्री अजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उनि अरविंद सिंह तोमर के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा परिजनों, संदिग्ध व्यक्तियों एवं आसपास के लोगों से विस्तृत पूछताछ की। इसके साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया और जिला साइबर सेल शाजापुर की सहायता से तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए गए। जांच के दौरान प्राप्त सूचनाओं के आधार पर लगातार लोकेशन और संभावित ठिकानों की निगरानी की गई।
मुखबिर से प्राप्त महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनांक 21/05/2026 को अपहृता को कानड़, जिला आगर-मालवा बस स्टैंड से सकुशल बरामद कर लिया। बालिका को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है तथा मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी उनि अरविंद सिंह तोमर के नेतृत्व में निम्न पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही— प्र.आर. जगदीश दांगी, प्र.आर. जितेन्द्र शर्मा, आरक्षक शैलेन्द्र गुर्जर, महिला आरक्षक कीर्ति मण्डोत, आरक्षक अर्जुन सिंह बागड़ी, आरक्षक रामेश्वर दांगी तथा साइबर सेल टीम।
थाना मोहन बड़ोदिया पुलिस की तत्परता, समन्वय और तकनीकी जांच के प्रभावी उपयोग से मात्र तीन दिनों के भीतर नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर एक सराहनीय सफलता प्राप्त की गई है।