पीसीओडी में शरीर में एंड्रोजन (मेल हॉर्मोन) का स्तर बढ़ सकता है, जिससे पीरियड्स, स्किन और वजन पर असर पड़ता है। लंबे समय तक बैठे रहना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, ज्यादा जंक फूड, मीठा और स्ट्रेस-ये सभी कारक इसके जोखिम को बढ़ाते हैं।
पीसीओडी में शरीर में एंड्रोजन (मेल हॉर्मोन) का स्तर बढ़ सकता है, जिससे पीरियड्स, स्किन और वजन पर असर पड़ता है। लंबे समय तक बैठे रहना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, ज्यादा जंक फूड, मीठा और स्ट्रेस-ये सभी कारक इसके जोखिम को बढ़ाते हैं।
हार्ट अटैक आने से पहले शरीर कई चेतावनी संकेत देता है। जानिए सीने के दर्द के अलावा अन्य लक्षण, कारण और बचाव के आसान उपाय।
पेट में बार-बार दर्द को न करें नजरअंदाज। जानिए इसके पीछे छिपी बीमारियां, लक्षण, बचाव के उपाय और डॉक्टर को कब दिखाना जरूरी है।
हर सिरदर्द माइग्रेन नहीं होता, लेकिन बार-बार और तेज दर्द को नजरअंदाज़ न करें। सही पहचान से समय पर इलाज और बेहतर नियंत्रण संभव है।
आजकल घंटों एक ही पोज़िशन में बैठकर काम करना आम है। गलत पोस्चर, लैपटॉप/मोबाइल पर झुकी हुई गर्दन और पीठ पर लगातार दबाव-ये सब मसल्स को ओवरलोड करते हैं।
मेडिकल भाषा में खाते समय पसीना आने की समस्या को गस्टेटरी स्वेटिंग (Gustatory Sweating) कहा जाता है। यह स्थिति तब होती है जब खाना खाते समय शरीर की नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाती है और पसीना निकलने लगता है।
सामान्य भूल या गंभीर समस्या? समझना है ज़रूरी...
आधुनिक जीवनशैली में काम का दबाव, देर रात तक मोबाइल या स्क्रीन स्क्रॉल करना और अनियमित दिनचर्या लोगों की नींद का टाइम टेबल बिगाड़ रही है।
कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं और लोग इन्हें सामान्य समस्या समझकर टाल देते हैं।
वैज्ञानिकों को मिले सबसे पुराने प्रमाणों के अनुसार कैंसर कोई नई बीमारी नहीं है। शोध में 70 मिलियन साल पुराने डायनासोर के जीवाश्मों में ट्यूमर के निशान पाए गए हैं।
पैरों में शरीर के अन्य हिस्सों की तुलना में सबसे अधिक पसीने की ग्रंथियां होती हैं। पसीना अपने आप में बदबूदार नहीं होता, क्योंकि यह पानी, नमक और थोड़े से प्रोटीन से बना होता है।
क्यों जरूरी है मेंस्ट्रुअल हाईजीन पर सही जानकारी...
थायरॉयड हार्मोन की कमी से शरीर की ऊर्जा, मेटाबॉलिज्म और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होते हैं, जिससे थकान, वजन बढ़ना और मूड स्विंग्स जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।