1. हिन्दी समाचार
  2. Health
  3. World Cancer Day: दुनिया में कब सामने आया कैंसर का पहला मामला, कैसे हुई इस बीमारी की पहचान

World Cancer Day: दुनिया में कब सामने आया कैंसर का पहला मामला, कैसे हुई इस बीमारी की पहचान

वैज्ञानिकों को मिले सबसे पुराने प्रमाणों के अनुसार कैंसर कोई नई बीमारी नहीं है। शोध में 70 मिलियन साल पुराने डायनासोर के जीवाश्मों में ट्यूमर के निशान पाए गए हैं।

By: Abhinav Tiwari 
Updated:
World Cancer Day: दुनिया में कब सामने आया कैंसर का पहला मामला, कैसे हुई इस बीमारी की पहचान

हर साल 4 फरवरी को दुनियाभर में विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को कैंसर के कारणों, लक्षणों, इलाज और समय पर जांच के महत्व के प्रति जागरूक करना है। आज कैंसर एक गंभीर और जानलेवा बीमारी के रूप में जाना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह बीमारी कितनी पुरानी है और इसकी पहचान कैसे हुई।

कैंसर कितना पुराना है? डायनासोर से जुड़ा है इतिहास

वैज्ञानिकों को मिले सबसे पुराने प्रमाणों के अनुसार कैंसर कोई नई बीमारी नहीं है। शोध में 70 मिलियन साल पुराने डायनासोर के जीवाश्मों में ट्यूमर के निशान पाए गए हैं। डायनासोर की हड्डियों में मिले ये ट्यूमर इस बात का प्रमाण हैं कि कैंसर इंसानों के अस्तित्व से भी पहले मौजूद था। हालांकि, मानव इतिहास में इसके प्रमाण काफी बाद में मिलते हैं।

इंसानों में कैंसर का पहला दर्ज मामला

मानव इतिहास में कैंसर का सबसे पुराना लिखित प्रमाण प्राचीन मिस्र से मिलता है। उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, करीब 3000 साल पहले एक मिस्री व्यक्ति के शरीर में पाए गए ट्यूमर को कैंसर का पहला ऑफिशियल मानव केस माना जाता है। उस समय इस बीमारी को देवताओं का श्राप माना जाता था और इसका कोई इलाज संभव नहीं समझा जाता था। तब लोग सिर्फ शरीर में बनने वाली गांठ (ट्यूमर) को जानते थे, जिसे लाइलाज माना जाता था और अक्सर मरीज की मृत्यु हो जाती थी।

कैंसर नाम कैसे पड़ा?

इस बीमारी को “कैंसर” नाम चिकित्सा विज्ञान के जनक हिप्पोक्रेट्स ने दिया। उन्होंने इसे Carcinoma कहा, जिसका अर्थ केकड़े (Crab) से मिलता-जुलता होता है। गांठ की आकृति उन्हें केकड़े जैसी लगी, इसलिए यह नाम दिया गया। हिप्पोक्रेट्स का मानना था कि कैंसर शरीर में खून, पित्त और कफ के असंतुलन के कारण होता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।

कैंसर की पहचान और इलाज का विकास

कैंसर की पहचान तो प्राचीन काल में हो चुकी थी, लेकिन इसके बारे में वैज्ञानिक समझ बीते कुछ दशकों में ही विकसित हुई। शुरुआत में इलाज केवल ट्यूमर को हटाने तक सीमित था। बाद में पोस्टमार्टम के जरिए यह समझा गया कि कैंसर के अलग-अलग प्रकार होते हैं। 17वीं सदी में माइक्रोस्कोप के आविष्कार के बाद कैंसर की कोशिकाओं को समझने में मदद मिली और पहली सफल मास्टेक्टॉमी जैसी सर्जरी संभव हुई। आज के आधुनिक दौर में कैंसर का इलाज पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट, कीमोथेरेपी, रेडिएशन, इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थैरेपी के जरिए किया जा रहा है।

आज कैंसर के मामले तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर के मामलों के बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। पहला कारण यह है कि अब जांच और टेस्टिंग की सुविधा बेहतर हो गई है, जिससे पहले छिपे हुए मामले भी सामने आ रहे हैं। दूसरा बड़ा कारण है खराब लाइफस्टाइल और खानपान-जैसे प्रदूषण, तंबाकू, शराब, जंक फूड और शारीरिक गतिविधि की कमी। इन कारणों से शरीर में फ्री रेडिकल्स बढ़ते हैं, जो कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं। चिंता की बात यह है कि अब कम उम्र के लोग भी इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।

जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार

विश्व कैंसर दिवस का यही संदेश है कि समय पर जांच, सही जानकारी और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर से काफी हद तक बचा जा सकता है। कैंसर जितना जल्दी पकड़ा जाए, उसके इलाज की संभावना उतनी ही अधिक होती है।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...