मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्र शक्ति संगठन ने विरोध दर्ज कराया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
छात्र शक्ति संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों विद्यार्थी वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य और मेहनत पर सीधा असर डालती हैं। संगठन ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल विद्यार्थियों का विश्वास प्रभावित होता है, बल्कि देश की परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
ज्ञापन में संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की। पदाधिकारियों का कहना है कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
छात्र शक्ति संगठन ने राष्ट्रपति से मांग की कि NEET-UG पेपर लीक मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

संगठन ने कहा कि सरकार को प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए। परीक्षा प्रक्रिया में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को निष्पक्ष माहौल मिल सके और उनकी मेहनत का उचित परिणाम सामने आए।
छात्र शक्ति संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने राष्ट्रपति से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर छात्रों के हित में उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।