1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. बड़वानी में MPPSC मेन्स 2026 का पहला पेपर संपन्न, 50 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा

बड़वानी में MPPSC मेन्स 2026 का पहला पेपर संपन्न, 50 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा

बड़वानी में MPPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 का पहला पेपर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। परीक्षा केंद्र पर पंजीकृत 58 अभ्यर्थियों में से 50 शामिल हुए। 7 से 12 सितंबर तक चलने वाली परीक्षा के लिए मेटल डिटेक्टर, बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैन सहित कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

By: Nivedita 
Updated:
बड़वानी में MPPSC मेन्स 2026 का पहला पेपर संपन्न, 50 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा

बड़वानी।  मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 का पहला पेपर बड़वानी में शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शहीद भीमा नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर कुल 58 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 50 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 8 अनुपस्थित रहे।

12 सितंबर तक चलेगी परीक्षा

MPPSC मेन्स 2026 की परीक्षा 7 सितंबर से 12 सितंबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। बड़वानी में परीक्षा केंद्र महाविद्यालय के प्राणी शास्त्र विभाग के भवन में स्थित दो व्याख्यान कक्षों में बनाया गया है। परीक्षा कार्यक्रम के तहत 7 से 10 सितंबर तक सामान्य अध्ययन के विभिन्न प्रश्नपत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसके बाद 11 सितंबर को सामान्य हिंदी एवं व्याकरण और 12 सितंबर को निबंध का प्रश्नपत्र होगा। निबंध की परीक्षा दो घंटे की अवधि में आयोजित की जाएगी।

सुबह 9 बजे से प्रवेश, 10 बजे बंद हुआ गेट

परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह 9 बजे से शुरू किया गया। सुरक्षा और जांच प्रक्रिया पूरी करने के लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई थी। सुबह 10 बजे गेट बंद कर दिया गया और इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया गया। जांच प्रक्रिया करीब 9:45 बजे तक पूरी कर ली गई थी, जिसके बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में भेजा गया।

मेटल डिटेक्टर और बायोमेट्रिक से जांच

परीक्षा में पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए केंद्र पर कड़े इंतजाम किए गए थे। अभ्यर्थियों की जांच में मेटल डिटेक्टर, भौतिक जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और आइरिस स्कैन जैसी व्यवस्थाओं का इस्तेमाल किया गया। छात्राओं की निजता को ध्यान में रखते हुए अलग से कैनोपी टेंट की व्यवस्था की गई थी। नियंत्रण कक्ष में पांच प्राध्यापक और दो जांच अधिकारी तैनात रहे। छह दिनों की परीक्षा के लिए कुल 36 प्राध्यापकों की इनविजिलेशन ड्यूटी लगाई गई है।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूरी तरह रोक

परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, पेनड्राइव, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस और स्मार्ट या डिजिटल घड़ी समेत इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को प्रतिबंधित रखा गया। पेंसिल, रबर, स्केल, पर्स, बेल्ट, चाबी और लाइटर जैसी वस्तुओं को भी परीक्षा कक्ष में ले जाने की अनुमति नहीं थी। अभ्यर्थियों के जूते-मोजे केंद्र के बाहर ही रखवाए गए। परीक्षा कक्ष में केवल पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति रही। पगड़ी, पल्ला, धागा, ताबीज, कलावा और आभूषण जैसी वस्तुओं की भी आवश्यकतानुसार जांच की गई।

प्रशासन और पर्यवेक्षकों ने किया निरीक्षण

परीक्षा के दौरान संभागीय एवं केंद्र पर्यवेक्षकों के साथ जिला प्रशासन के उड़नदस्ते ने भी लगातार निरीक्षण किया। परीक्षा केंद्राध्यक्ष डॉ. वीणा सत्य के निर्देशन में पूरी व्यवस्था संचालित की गई। परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले संभागीय ऑब्जर्वर एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शेखर वर्मा ने भी केंद्र का निरीक्षण किया था और परीक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। पहले दिन की परीक्षा के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति या समस्या सामने नहीं आई और परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...