शाजापुर, मध्य प्रदेश। फसल बीमा वर्ष 2025 का क्लेम दिलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों का धरना सोमवार को उग्र विरोध प्रदर्शन में बदल गया। कलेक्टर कार्यालय के बाहर पिछले छह दिनों से चल रहे धरने के दौरान किसानों ने बीमा कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप कंपनी की प्रतीकात्मक अर्थी जलाकर अपना आक्रोश जताया।
सोमवार को बड़ी संख्या में किसान टंकी चौराहे पर एकत्र हुए। यहां से भारतीय किसान संघ के बैनर तले विरोध रैली निकाली गई। किसान बीमा कंपनी के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रतीकात्मक अर्थी को कंधे पर लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। किसानों ने कार्यालय के बाहर अर्थी का दहन कर फसल बीमा क्लेम में हो रही देरी के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के बाद बीमा कंपनी के अधिकारियों और एसडीएम ने किसानों से बातचीत की। अधिकारियों की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया कि सात दिनों के भीतर फसल बीमा क्लेम की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जाएगा।अधिकारियों के आश्वासन के बाद भारतीय किसान संघ ने अपना छह दिनों से चल रहा धरना समाप्त करने का निर्णय लिया।
फसल बीमा वर्ष 2025 के क्लेम को लेकर किसानों में लंबे समय से असंतोष बना हुआ था। किसानों की मांग है कि पात्र किसानों को जल्द से जल्द बीमा राशि का भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें फसल नुकसान के बाद आर्थिक राहत मिल सके। छह दिन तक धरना देने के बाद भी समाधान नहीं होने पर किसानों ने सोमवार को प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर अपना विरोध और तेज कर दिया।
प्रशासन और बीमा कंपनी की ओर से मिले सात दिन के आश्वासन के बाद फिलहाल किसानों ने आंदोलन स्थगित कर दिया है। अब किसानों की नजर इस बात पर रहेगी कि तय समयसीमा के भीतर फसल बीमा क्लेम की प्रक्रिया कितनी आगे बढ़ती है और पात्र किसानों को भुगतान कब तक मिलता है।