भोपाल। जिले में ‘सेवा से संकल्प अभियान’ को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने अधिकारियों को अभियान की प्रत्येक गतिविधि की माइक्रो स्तर पर प्लानिंग करने और सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभियान से जुड़े विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का अधिकतम लाभ मिल सके। कलेक्टर श्री मिश्रा सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में एडीएम श्री सुमित पांडे, श्री पी.सी. शाक्य, श्री प्रकाश नायक और श्री महेंद्र कवचे सहित सभी एसडीएम एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रस्तावित ‘सेवा से संकल्प अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान के अंतर्गत होने वाली गतिविधियों के लिए पहले से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय करने, मैदानी स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी करने और निर्धारित समय-सीमा में सभी तैयारियां पूरी करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि अभियान का उद्देश्य सरकारी सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना होना चाहिए।
कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान-2026 की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का भ्रमण करें तथा आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी लें। उन्होंने बताया कि 11 सितंबर को बैरसिया में जन-कल्याण शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और लंबित प्रकरणों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिविर में ब्लॉक स्तर पर लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नागरिकों को उपलब्ध कराने तथा पात्र हितग्राहियों को मौके पर योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को केवल कार्यालयों में बैठकर समीक्षा करने के बजाय नियमित रूप से मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी अपने भ्रमण के दौरान स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं का भी जायजा लें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच करने को कहा। अधिकारियों को बच्चों के साथ भोजन कर उसकी गुणवत्ता का प्रत्यक्ष परीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कॉलोनियों से संबंधित समस्याओं पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि कॉलोनियों से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा कॉलोनी सेल के माध्यम से की जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों से प्राप्त कॉलोनी संबंधी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जाए। विशेष रूप से अवैध कॉलोनियों से जुड़ी शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी एसडीएम से अपने-अपने क्षेत्र में नियमित भ्रमण और निरीक्षण करने को भी कहा, ताकि स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं की जानकारी समय पर मिल सके और उनका समाधान किया जा सके।
समीक्षा के दौरान राजस्व प्रकरणों, गिरदावरी, फार्मर आईडी और लोक सेवा गारंटी से संबंधित ऐसे मामलों की स्थिति भी देखी गई, जो निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित हैं। इन मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि यदि निर्धारित समय-सीमा के बावजूद प्रकरणों का निराकरण नहीं किया जाता है तो संबंधित तहसीलदारों और पटवारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने सीएम हेल्पलाइन के मामलों को लेकर अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी शिकायत बिना कार्रवाई के लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों की वास्तविक स्थिति की जांच करने और समस्या के मूल कारण को समझकर समाधान करने को कहा। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल शिकायत का औपचारिक निराकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिक को संतुष्टि मिलने के साथ समस्या का गुणवत्तापूर्ण समाधान होना चाहिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। मैदानी स्तर पर पात्र हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी अभियानों और शिविरों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानियों से बचाना और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना होना चाहिए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों की लगातार निगरानी की जाए और निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि जन शिकायतों, राजस्व मामलों और लोक सेवा गारंटी से जुड़े प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है।