भोपाल: मध्य प्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुई घटना को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इसे बेहद दुखद और गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही सरकार ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और उच्च अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। सरकार पूरे मामले की गंभीरता से जांच करा रही है और किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, मामले में अब तक तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि एक अधिकारी को अटैच किया गया है। इसके अलावा पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। घटना को लेकर 20 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है और 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जगदीश देवड़ा ने बताया कि 13 लोगों के पोस्टमार्टम में जहरीली शराब पीने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि जहरीली शराब कहां तैयार की गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
उपमुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। सरकार का प्रयास है कि पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जाए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
वहीं कांग्रेस नेता उमंग सिंघार के मध्य प्रदेश में हिंदू सुरक्षित नहीं होने और हिंदुओं के मरने वाले बयान पर भी उपमुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले का जाति से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे गंभीर मामले में गैर-जिम्मेदाराना बयान देने के बजाय जांच को अपना काम करने देना चाहिए।
जगदीश देवड़ा ने कहा कि इस घटना को लेकर राजनीतिक रोटियां नहीं सेंकनी चाहिए। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील की कि यदि कहीं अवैध या जहरीली शराब से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस, प्रशासन या सरकार को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।