पन्ना और सतना समेत आसपास के जिलों को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-39 की खराब हालत ने राहगीरों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। देवेंद्रनगर से पन्ना होते हुए बमीठा और छतरपुर की ओर जाने वाले इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे नजर आ रहे हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर कई स्थानों पर सामान्य गड्ढों के बजाय काफी बड़े गड्ढे बने हुए हैं। कुछ गड्ढों की गहराई करीब दो फीट तक बताई जा रही है, जबकि उनकी लंबाई-चौड़ाई भी कई फीट तक है। ऐसे में छोटे वाहनों के साथ ट्रक और यात्री बसों के चालकों को भी बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है।
बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढों में पानी भर जाता है। इससे वाहन चालकों को गड्ढे की गहराई और आकार का अंदाजा नहीं लग पाता। तेज रफ्तार या अचानक गड्ढे में वाहन जाने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। खराब सड़क के कारण वाहन चालकों को कई स्थानों पर धीमी गति से सफर करना पड़ रहा है।

इस मार्ग पर आने वाली मडला घाटियों में भी सड़क की खराब स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि यहां ट्रकों के पलटने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के कारण कई बार यातायात बाधित होने से जाम की स्थिति भी बन जाती है।
नेशनल हाईवे से गुजरने वाले वाहनों से छतरपुर और सतना की दिशा में टोल टैक्स भी लिया जाता है। ऐसे में यात्रियों और वाहन चालकों का कहना है कि टोल चुकाने के बावजूद उन्हें खराब और गड्ढों वाली सड़क से गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की ओर से सड़क की मरम्मत कराने की मांग लगातार उठाई जा रही है। उनका आरोप है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष समस्या रखे जाने के बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। बारिश के मौसम में हाईवे की हालत और खराब होने से लोगों को दुर्घटनाओं की आशंका के बीच सफर करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द गड्ढों की मरम्मत और सड़क का स्थायी सुधार कराने की मांग की है।