भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब 5,200 पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। भोपाल में धरना दे रहे पेसा मोबिलाइजर्स से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और सेवा बहाली की मांग का समर्थन किया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार आंदोलन स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे पेसा मोबिलाइजर्स से बातचीत की। उन्होंने उनकी समस्याओं और मांगों की जानकारी ली। इस दौरान मोबिलाइजर्स ने सेवा समाप्त किए जाने से जुड़ी अपनी परेशानियां नेता प्रतिपक्ष के सामने रखीं। मुलाकात के बाद सिंघार ने उनकी मांगों के समर्थन में सरकार से आवश्यक कदम उठाने की बात कही।
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश के करीब 5,200 पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं पुनः शुरू करने की मांग की है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की समीक्षा कर जल्द निर्णय लेने का आग्रह किया।
नेता प्रतिपक्ष के मुताबिक, पेसा मोबिलाइजर्स गांवों में ग्राम सभाओं को सक्रिय बनाने, लोगों को पेसा कानून के प्रावधानों की जानकारी देने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग जैसी जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। उनका कहना है कि इन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त होने से पेसा व्यवस्था के जमीनी स्तर पर संचालन पर भी असर पड़ सकता है।

उमंग सिंघार ने कहा कि पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं समाप्त होने से करीब 5,200 आदिवासी परिवारों के सामने रोजगार और आर्थिक चुनौतियां पैदा हुई हैं। उन्होंने सरकार से इन परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सेवा बहाली पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
सिंघार ने कहा कि वह इससे पहले 20 मई 2026 को भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं जारी रखने की मांग कर चुके हैं। अब उन्होंने एक बार फिर सरकार से इस मामले में शासन स्तर पर समीक्षा कर तत्काल निर्णय लेने का आग्रह किया है।
फिलहाल पेसा मोबिलाइजर्स भोपाल में सेवा बहाली की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। नेता प्रतिपक्ष के समर्थन और मुख्यमंत्री को पत्र भेजे जाने के बाद अब आंदोलनकारियों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। सरकार की ओर से इस मामले में क्या निर्णय लिया जाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।