सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं। इसी क्रम में रेलवे सुरक्षा बल की महानिदेशक और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा उज्जैन पहुंचीं, जहां उन्होंने रेलवे स्टेशन और उससे जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों का विस्तृत निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की।

बैठक में सिंहस्थ के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के रेलवे नेटवर्क के माध्यम से आने-जाने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और सुविधा की व्यापक रणनीति तैयार की गई। रेलवे अधिकारियों, आरपीएफ, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय पर विशेष जोर दिया गया ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
निरीक्षण के दौरान रेलवे स्टेशन के उन स्थानों की पहचान की गई जहां भविष्य में होल्डिंग एरिया, एंट्री-एग्जिट कॉरिडोर और यात्री सुविधा केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन होल्डिंग एरिया में श्रद्धालुओं के लिए पानी, पंखे, वॉशरूम और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है, जिससे भीड़ को नियंत्रित रखते हुए यात्रियों को आराम मिल सके।
मीडिया से बातचीत में सोनाली मिश्रा ने कहा कि सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में सबसे बड़ी चुनौती करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और भीड़ नियंत्रण होती है। इसी कारण CRPF, NDRF, रेलवे पुलिस और राज्य पुलिस सहित सभी सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से काम करेंगी।

उन्होंने बताया कि इस बार सिंहस्थ में आधुनिक तकनीक का बड़े स्तर पर उपयोग किया जाएगा। प्रयागराज महाकुंभ की तर्ज पर AI आधारित कैमरे, स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम और टेक्निकल मॉनिटरिंग नेटवर्क लगाए जाएंगे। इन कैमरों के जरिए भीड़ की गतिविधियों, ओवरक्राउडिंग और मूवमेंट पैटर्न पर लगातार नजर रखी जाएगी, जिससे समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके और किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।
सोनाली मिश्रा ने यह भी कहा कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या पिछले आयोजनों से अधिक रहने की संभावना है, इसलिए रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां अभी से ग्राउंड प्लानिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर काम कर रही हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस श्रद्धालुओं की व्यवस्थित एंट्री-एग्जिट सुनिश्चित करना और भगदड़ जैसी स्थिति को पूरी तरह रोकना रहेगा।