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जयवर्धन सिंह बोले- किसानों के हक के लिए आर-पार की लड़ाई

गुना में किसानों की समस्याओं और समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी की मांग को लेकर कांग्रेस ने नेशनल हाईवे-46 पर बड़ा आंदोलन किया। बिलोनिया के पास हुए चक्का जाम का नेतृत्व जयवर्धन सिंह ने किया, जहां हजारों किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता तेज गर्मी के बावजूद सड़क पर बैठे रहे। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि किसानों को उचित दाम और खाद-बीज की व्यवस्था नहीं मिली तो आंदोलन और उग्र होगा।

By: BS Yadav 
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जयवर्धन सिंह बोले- किसानों के हक के लिए आर-पार की लड़ाई

गुना में किसानों को न्याय और अधिकार दिलाने की मांग को लेकर जयवर्धन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत नेशनल हाईवे-46 स्थित बिलोनिया के पास जोरदार चक्का जाम किया। इस आंदोलन में हजारों किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच सड़क पर बैठकर केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। आंदोलन का नेतृत्व राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने किया। उन्होंने सरकार पर किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है और किसान लगातार परेशान हो रहा है।

जयवर्धन सिंह गायत्री मंदिर से बिलोनिया तक स्वयं ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे। उनके साथ ऋषि अग्रवाल सहित गुना और अशोकनगर जिले के कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान जयवर्धन सिंह अपने साथ उन किसानों के पंजीयन और स्लॉट बुकिंग से जुड़े दस्तावेज भी लेकर पहुंचे, जिनकी तारीख तय होने के बावजूद सरकारी खरीद केंद्रों पर उनकी उपज नहीं खरीदी गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव से पहले किसानों से गेहूं ₹2700 प्रति क्विंटल खरीदने का वादा किया था, लेकिन आज किसानों को मजबूरी में अपनी फसल ₹2000 से ₹2100 प्रति क्विंटल के भाव पर बेचनी पड़ रही है। उन्होंने इसे सरकार की बड़ी नाकामी बताते हुए कहा कि किसानों के साथ छल किया गया है।


आंदोलन के दौरान किसानों ने यूरिया और डीएपी खाद वितरण की नई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। किसानों का कहना था कि खाद और बीज की उपलब्धता आसान नहीं होने से खेती की लागत बढ़ती जा रही है और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेताओं ने सरकार को “गूंगी-बहरी सरकार” बताते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। आंदोलन के अंत में किसानों की 14 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन मौके पर पहुंचे अपर कलेक्टर अखिलेश जैन को सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को फसल का उचित दाम, समय पर खरीदी और खाद-बीज की सुगम व्यवस्था नहीं मिली, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक उग्र रूप लेगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों के अधिकारों के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो प्रदेशभर में बड़े स्तर पर आंदोलन किए जाएंगे।

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