उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच नगर निगम अब स्वच्छता व्यवस्था को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने शहर के विभिन्न वार्डों और पेयजल व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण की शुरुआत देवास गेट स्थित पानी की टंकी से हुई, जहां पेयजल स्तर और जल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की गई। इसके बाद आयुक्त वार्ड क्रमांक 23 और 24 पहुंचे, जहां उन्होंने गलियों, नालियों, कचरा संग्रहण व्यवस्था और स्वच्छता गतिविधियों का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कचरे के ढेर और सफाई व्यवस्था में लापरवाही सामने आई। इसके अलावा नागरिकों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग देने के लिए पर्याप्त जागरूक नहीं किए जाने पर भी निगम आयुक्त ने नाराजगी जताई। इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित दरोगा, स्वास्थ्य अमले और एनजीओ को सख्त निर्देश दिए गए कि घरों से निकलने वाला गीला और सूखा कचरा अलग-अलग वाहनों में ही संग्रहित किया जाए।

नगर निगम आयुक्त ने छोटी गलियों में नियमित सफाई, नालियों पर हुए अतिक्रमण हटाने और खाली प्लॉटों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने साफ कहा कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए शहर की स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी वार्डों में शत-प्रतिशत स्वच्छता व्यवस्था लागू की जाए और आम नागरिकों को भी स्वच्छता अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। नगर निगम की इस कार्रवाई को सिंहस्थ से पहले उज्जैन को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की बड़ी तैयारी माना जा रहा है।