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स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 पर सवाल, गंदगी और अव्यवस्था से बढ़ी चिंता

बड़वानी में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 को लेकर नगर पालिका के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर सामने आया है। जगह-जगह गंदगी, जाम नालियां और टूटे डस्टबिन से शहर की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

By: BS Yadav 
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 पर सवाल, गंदगी और अव्यवस्था से बढ़ी चिंता

MP News :बड़वानी में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों के बीच शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर पालिका दावा कर रही है कि शहर को टॉप रैंकिंग में लाने की तैयारी की जा रही है, लेकिन जमीनी स्थिति इसके विपरीत दिखाई दे रही है। शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर, जाम नालियां और टूटे हुए डस्टबिन साफ-सफाई की पोल खोल रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार अगले 15 दिनों में सर्वे टीम के आने की संभावना है, जिससे नगर पालिका की चिंता बढ़ गई है। शहर के ट्रेंचिंग ग्राउंड में करीब 2 करोड़ रुपये की कचरा निपटान मशीन पिछले तीन वर्षों से बंद पड़ी है, जिस कारण कचरे का सही तरीके से निपटान नहीं हो पा रहा है। इससे आसपास की कॉलोनियों में दुर्गंध और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

 

विपक्षी पार्षद और नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों से शहर की स्वच्छता रैंकिंग लगातार गिर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मशीन बंद होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे जनता के टैक्स का पैसा बर्बाद हो रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि ठेकेदार की लापरवाही थी तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी, न कि केवल ब्लैकलिस्टिंग। उनका कहना है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था केवल सफाई मित्रों के भरोसे चल रही है।

वहीं नगर पालिका अध्यक्ष अश्विनी निक्कू चौहान ने दावा किया कि स्वच्छता अभियान के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है और नई व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि पुराने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और नए ठेकेदार को काम सौंपा गया है। ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरा निपटान जल्द शुरू करने की प्रक्रिया जारी है।

अध्यक्ष ने आम जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में सुधार के लिए नागरिकों की भागीदारी जरूरी है। हालांकि वर्तमान हालात देखते हुए शहर की स्वच्छता व्यवस्था और सर्वेक्षण में प्रदर्शन को लेकर संशय बना हुआ है।

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