भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में संबोधन देते हुए सोमनाथ मंदिर और भारतीय सनातन संस्कृति पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि सिंदूर जिनके मस्तक पर विराजमान है, ऐसे भगवान सोमनाथ के चरणों में कोटि-कोटि वंदन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश के स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मंदिर देश के विकास और आस्था का पर्याय है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए मुगलों के आक्रमणों का उल्लेख किया और कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सनातन संस्कृति हमेशा जीवंत रही है।

उन्होंने नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति पर हमेशा गर्व महसूस होता है और यह भारत की पहचान का आधार है।

मुख्यमंत्री ने देशभर के तीर्थ स्थलों जैसे गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरे देश की आध्यात्मिक एकता को दर्शाता है। उन्होंने गुजरात स्थित द्वारकाधीश मंदिर और बंगाल के कालीघाट का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि 1000 वर्षों के बाद भी सोमनाथ मंदिर का शिखर आज भी आस्था और गौरव का प्रतीक बनकर खड़ा है। अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के लिए सुख, शांति और मंगलमय जीवन की कामना की।