शाजापुर में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसान संगठनों ने आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग NH-52 पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया। आंदोलन के चलते हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
प्रदर्शनकारी किसानों और कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार किसानों के साथ वादाखिलाफी कर रही है। कांग्रेस की मुख्य मांग है कि सरकार अपने चुनावी वादे के अनुसार गेहूं की खरीदी ₹3000 प्रति क्विंटल की दर से करे। इसके अलावा खरीदी केंद्रों पर बारदाने की कमी, तुलाई में देरी और भुगतान लंबित रहने को लेकर भी किसानों में भारी नाराजगी है।

किसानों का कहना है कि फसल बेचने के कई सप्ताह बाद भी उन्हें भुगतान नहीं मिला है, जिससे आर्थिक संकट और बढ़ गया है। आंदोलन के कारण यात्री बसें, निजी वाहन और फल-सब्जियों से भरे ट्रक घंटों तक हाईवे पर फंसे रहे। चिलचिलाती गर्मी में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया है। पुलिस और प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया है ताकि अन्य क्षेत्रों में आवागमन सुचारू रखा जा सके।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में जीतू पटवारी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2700 प्रति क्विंटल देने का वादा किया था, लेकिन किसानों से कम कीमत पर खरीदी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल 30 प्रतिशत गेहूं की खरीदी सरकार द्वारा की जा रही है, जबकि बाकी किसान बाजार में कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

जीतू पटवारी ने धान के भाव, किसानों की आय और कर्ज के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि किसान अब “सड़क सत्याग्रह” के जरिए अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के दर्द को समझना होगा और जल्द समाधान निकालना होगा।