धार्मिक नगरी उज्जैन में इन दिनों आस्था और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। जय गुरुदेव आश्रम में देशभर से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने पूरे परिसर को भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंग दिया। आश्रम में उमड़ी भीड़ ने सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन की याद ताजा कर दी।
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद आयोजन में अनुशासन और व्यवस्था साफ दिखाई दी। श्रद्धालु शांतिपूर्वक कतारों में दर्शन करते और अमृत प्रवचन में शामिल होते नजर आए। आश्रम परिसर में हर तरफ भजन, सत्संग और आध्यात्मिक माहौल बना रहा।
इस विशेष अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी जय गुरुदेव आश्रम पहुंचे। उन्होंने गुरुवर से मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया और आश्रम में आयोजित अमृत प्रवचन में शामिल होकर आध्यात्मिक संदेशों का श्रवण किया। मुख्यमंत्री के आश्रम पहुंचने पर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
आश्रम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में सेवक और स्वयंसेवक भोजन, पेयजल, पार्किंग और ठहरने की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभालते नजर आए। आश्रम प्रबंधन लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करता रहा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच यह आयोजन भीड़ प्रबंधन और अनुशासन का एक सफल उदाहरण बनकर उभरा है। धार्मिक आयोजनों में बेहतर व्यवस्था और समन्वय को लेकर प्रशासन और धार्मिक संस्थाओं के लिए यह आयोजन प्रेरणादायक माना जा रहा है।