मध्य प्रदेश के उज्जैन से सांसद गुरुवार को देवास रोड स्थित लंगर पेट्रोल पंप पर ई-बाइक से पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोगों को पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक उपयोग को लेकर जागरूक किया।सांसद ने प्रधानमंत्री की अपील का हवाला देते हुए कहा कि लोगों को केवल जरूरत पड़ने पर ही पेट्रोल-डीजल का उपयोग करना चाहिए और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने पर ध्यान देना चाहिए।
अपने संबोधन में सांसद ने लोगों से अपील की कि छोटी दूरी की यात्रा के लिए ई-वाहन या साइकिल का उपयोग किया जाए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि देश में ही मौजूद पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दी जाए और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचा जाए।
सांसद ने कहा कि पेट्रोल-डीजल और सोने का आयात डॉलर में किया जाता है, इसलिए इनकी खपत कम होने से विदेशी मुद्रा की बचत होगी। इससे देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलने में मदद मिलेगी।
इस पूरे अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद भी खड़ा हो गया। वीडियो में सांसद को ई-बाइक चलाते समय हेलमेट के बिना देखा गया, जिस पर कई लोगों ने आपत्ति जताई।
सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का कहना है कि जब जनप्रतिनिधि खुद सड़क सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता को गलत संदेश जा सकता है।
भारत में दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य है। सड़क सुरक्षा नियमों के अनुसार बिना हेलमेट वाहन चलाना कानून का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे में सांसद के वायरल वीडियो ने सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर बहस छेड़ दी है।
फिलहाल इस मामले पर प्रशासन या यातायात विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, वीडियो सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।