उज्जैन। मध्यप्रदेश में चल रहे गेहूं खरीदी अभियान के तहत उज्जैन जिले ने इस वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक 5 लाख 18 हजार टन से अधिक गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है, जो एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने जानकारी दी कि जिले में गेहूं उपार्जन के साथ-साथ किसानों को समय पर भुगतान भी सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक किसानों के खातों में 760 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है, जिससे किसानों को आर्थिक राहत मिली है।

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा गेहूं उपार्जन
जिले में इस वर्ष 1 लाख 25 हजार से अधिक किसानों ने गेहूं विक्रय के लिए पंजीयन कराया था, जिनमें से लगभग 77 हजार किसान अपनी उपार्जन प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि शेष किसानों की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है।
प्रशासन ने उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। केंद्रों पर छाया, पेयजल, दवा और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुसार किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन का फोकस उपार्जन प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने पर है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गेहूं खरीदी और भुगतान की प्रक्रिया निरंतर जारी है तथा शेष किसानों को भी जल्द ही भुगतान उपलब्ध कराया जाएगा।