उज्जैन में 16 मई को शनिचरी अमावस्या और शनि जयंती का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
भीड़ प्रबंधन और व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन द्वारा उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
प्रशासन के अनुसार पिछले वर्ष करीब 2 से ढाई लाख श्रद्धालु शनि अमावस्या पर पहुंचे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्नान घाटों पर फव्वारा सिस्टम लगाया जाएगा ताकि भीषण गर्मी में राहत मिल सके। साथ ही नर्मदा जल उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है।
इंदौर रोड पर विशेष पार्किंग व्यवस्था की जा रही है, जबकि तराना और महिदपुर मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। पुलिस विभाग ट्रैफिक जाम से बचाव के लिए अलग से प्लान तैयार कर रहा है।
भीड़ को देखते हुए जगह-जगह पानी, छाया और मेडिकल सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रशासन का अनुमान है कि श्रद्धालु 15 मई की रात से ही शहर पहुंचना शुरू कर देंगे और 16 मई तक भारी भीड़ बनी रहेगी।