दतिया के महिला एवं बाल विकास विभाग में सोमवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़ा मामला तीखी बहस में बदल गया। विवाद की शुरुआत कथित भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी मांगने को लेकर हुई थी। जानकारी के अनुसार, आरटीआई एक्टिविस्ट और अधिवक्ता शंभू गोस्वामी ने विभाग से कई दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी। विभाग की ओर से जवाब दिया गया कि मांगी गई जानकारी लगभग 83 हजार पन्नों में उपलब्ध है, जिसके लिए नियमानुसार करीब 1 लाख 66 हजार रुपये की शुल्क राशि जमा करनी होगी।
बताया जा रहा है कि विभागीय अधिकारियों को उम्मीद थी कि इतनी बड़ी राशि सुनने के बाद आवेदक पीछे हट जाएगा, लेकिन शंभू गोस्वामी नकद 1.66 लाख रुपये लेकर सीधे विभागीय कार्यालय पहुंच गए। हालांकि कार्यालय में नकद राशि स्वीकार करने से मना कर दिया गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में तीखी नोकझोंक में बदल गई।
विवाद के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय का एक बयान चर्चा का विषय बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बहस के बीच उन्होंने गुस्से में अपना कॉलर आगे करते हुए कहा, “पकड़ो मेरा कॉलर, मारो थप्पड़।” इसके बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। वहीं दूसरी ओर अधिवक्ता शंभू गोस्वामी ने भी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें जिले के सबसे भ्रष्ट अधिकारियों में से एक बताया।
कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों ने दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। हालांकि पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद विभागीय कार्यप्रणाली और RTI प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।