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उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी शुरू करेगी ‘MBA इन टेंपल मैनेजमेंट’ कोर्स

उज्जैन स्थित सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय “MBA इन टेंपल मैनेजमेंट” नाम से नया प्रोफेशनल कोर्स शुरू करने जा रहा है। यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम मंदिर प्रशासन, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, धार्मिक आयोजन और श्रद्धालु सुविधाओं जैसे विषयों पर आधारित होगा। विश्वविद्यालय का उद्देश्य धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को आधुनिक और प्रोफेशनल स्वरूप देना है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रेरणा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना के तहत शुरू की जा रही है।

By: Nivedita 
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उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी शुरू करेगी ‘MBA इन टेंपल मैनेजमेंट’ कोर्स

धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय जल्द ही “MBA इन टेंपल मैनेजमेंट” नाम से एक विशेष प्रोफेशनल कोर्स शुरू करने जा रहा है। विश्वविद्यालय का दावा है कि यह मध्यप्रदेश का पहला और देश के चुनिंदा अनोखे पाठ्यक्रमों में शामिल होगा। इस पहल का उद्देश्य मंदिर व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित, आधुनिक और पेशेवर स्वरूप देना है।

 

मंदिर प्रबंधन को आधुनिक और प्रोफेशनल बनाने की दिशा में नई पहल

उज्जैन की विक्रम मंदिर प्रबंधन को आधुनिक और प्रोफेशनल बनाने की दिशा में नई पहल

धार्मिक पर्यटन और मंदिर व्यवस्थाओं की बढ़ती जरूरत

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार देशभर में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। उज्जैन, अयोध्या, वाराणसी, तिरुपति और मदुरई जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों पर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिरों की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए प्रशिक्षित और कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

दो वर्षीय विशेष पाठ्यक्रम होगा

सम्राट विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर अर्पण भारद्वाज ने बताया कि यह दो वर्षीय विशेष MBA कोर्स होगा। इसमें मंदिर प्रशासन, भीड़ प्रबंधन, धार्मिक आयोजन, सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालु सुविधाएं, प्रसाद वितरण, वित्तीय प्रबंधन और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों से जुड़े विषय पढ़ाए जाएंगे।

परंपरा और आधुनिक तकनीक का होगा समन्वय

विश्वविद्यालय का मानना है कि मंदिर अब केवल पूजा स्थल नहीं रह गए हैं, बल्कि वे सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र बन चुके हैं। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से ऐसे प्रशिक्षित युवा तैयार किए जाएंगे जो भारतीय धार्मिक परंपराओं और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों के संतुलन के साथ मंदिर व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित कर सकें।

मुख्यमंत्री की पहल से शुरू हो रहा कोर्स

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह कोर्स मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की सोच के तहत शुरू किया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह मॉडल भविष्य में देशभर के बड़े मंदिरों और धार्मिक संस्थानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

 

 

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