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सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज: 2016 के अनुभवी अधिकारियों से सीखे जा रहे मेगा मैनेजमेंट के गुर

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन ने 2016 सिंहस्थ का संचालन करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभवों के आधार पर भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और आपदा प्रबंधन की नई रणनीति तैयार करना शुरू किया है।

By: BS Yadav 
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सिंहस्थ-2028 की तैयारी तेज: 2016 के अनुभवी अधिकारियों से सीखे जा रहे मेगा मैनेजमेंट के गुर

उज्जैन: सिंहस्थ-2028 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए उज्जैन प्रशासन ने तैयारियों को नया आयाम देना शुरू कर दिया है। इस बार प्रशासन केवल आधारभूत ढांचे के विकास पर ही नहीं, बल्कि वर्ष 2016 के सिंहस्थ महापर्व के सफल संचालन से मिले अनुभवों को भी आगामी कार्ययोजना का अहम हिस्सा बना रहा है। संभावित 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है।

प्रयागराज महाकुंभ में अनुमान से कहीं अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बाद उज्जैन प्रशासन ने भी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को और गंभीरता से आगे बढ़ाया है। इसी क्रम में सिंहस्थ मेला अधिकारी एवं उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह की पहल पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में वर्ष 2016 के सिंहस्थ महापर्व के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को आमंत्रित किया गया। इनमें तत्कालीन संभागायुक्त रवींद्र पस्तौर, तत्कालीन कलेक्टर कवींद्र कियावत, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एम.एस. वर्मा, नरेंद्र सूर्यवंशी, अवधेश शर्मा, सुजान सिंह रावत, रोहन सक्सेना सहित कई अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए।

बैठक के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने व्यावहारिक अनुभव साझा किए, जिन्हें वर्तमान प्रशासन आगामी रणनीति में शामिल करने की दिशा में काम कर रहा है।

उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य केवल पिछले सिंहस्थ की समीक्षा करना नहीं, बल्कि उन अनुभवों के आधार पर अधिक प्रभावी और दूरदर्शी कार्ययोजना तैयार करना है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

प्रशासन का मानना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर संसाधनों और अनुभवी अधिकारियों के व्यावहारिक अनुभवों का समन्वय सिंहस्थ-2028 को पहले से अधिक सफल, सुव्यवस्थित और यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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