बुरहानपुर के ग्राम घाघरला में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गरीबों को वितरित किए जा रहे चावल में मरी हुई इल्लियां, बदबू और खराब गुणवत्ता मिलने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
ग्रामीणों का आरोप है कि राशन दुकान से दिए जा रहे चावल में कीड़े और सड़न की स्थिति थी। कई लोगों ने खराब गुणवत्ता के कारण राशन लेने से भी इनकार कर दिया। स्थानीय लोगों ने इसे गरीबों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया और जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाया।
मामले के सामने आने के बाद खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान करीब 50 क्विंटल से अधिक चावल गुणवत्ता विहीन पाया गया। इसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खराब राशन को बदलने के निर्देश जारी किए।
जांच में यह भी सामने आया कि गोदाम में सीलन और खराब भंडारण व्यवस्था के कारण अनाज खराब हुआ। अधिकारियों ने गोदाम बदलने के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने पूरी सप्लाई चेन और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कनिष्ठ खाद्य अधिकारी गिरीश नागपुरे ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच की। प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान कर आगे कार्रवाई की जाएगी।