छतरपुर जिले में चल रही केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। बांध निर्माण और विस्थापन को लेकर आदिवासी समुदाय के आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी आंदोलनकारी आदिवासी महिलाओं से मुलाकात करने परियोजना क्षेत्र पहुंचे।
प्रशासन द्वारा निर्माण स्थल के आसपास बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाए जाने के कारण जीतू पटवारी को पन्ना टाइगर रिजर्व के भूसोर गेट पर रोक दिया गया। बताया जा रहा है कि सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर उन्हें काफी देर तक आगे नहीं बढ़ने दिया गया। बाद में वे निजी वाहन से वैकल्पिक रास्ते के जरिए प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे।
प्रदर्शन स्थल पहुंचने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों को मकान के बदले मकान और जमीन के बदले जमीन मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना उचित पुनर्वास और मुआवजे के लोगों पर दबाव बनाना गलत है।
जीतू पटवारी ने आंदोलन से जुड़े नेता अमित भटनागर की गिरफ्तारी की भी आलोचना की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने कहा कि आंदोलन कर रहे लोगों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशासन से परियोजना क्षेत्र में पारदर्शी सर्वे कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को न्यायसंगत मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी की गई तो कांग्रेस आंदोलन को और व्यापक रूप से समर्थन देगी।
केन-बेतवा परियोजना को लेकर अब क्षेत्र में आंदोलन और राजनीतिक गतिविधियां दोनों तेजी से बढ़ती नजर आ रही हैं। एक ओर प्रभावित परिवार अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष सरकार को इस मुद्दे पर घेरने में जुट गया है।