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सोलर प्लांट कंपनी पर किसानों की जमीन हड़पने का आरोप, 7 दिन में समाधान नहीं तो तालाबंदी की चेतावनी

शाजापुर जिले के हिनौती सूरजपुर गांव में जंक्शन ग्रीन ग्रुप सोलर प्लांट कंपनी पर किसानों ने जमीन हड़पने और रास्ता बंद करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी ने उनकी जमीन पर सोलर प्लांट स्थापित कर दिया, जबकि पहले रोजगार देने का वादा किया गया था, जिसे पूरा नहीं किया गया। मामले को लेकर गुर्जर स्वाभिमान मंच के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और कंपनी से बातचीत की, जिसमें 7 दिनों के भीतर जमीन खाली करने का आश्वासन दिया गया। यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो किसानों ने तालाबंदी और आंदोलन की चेतावनी दी है।

By: Nivedita 
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सोलर प्लांट कंपनी पर किसानों की जमीन हड़पने का आरोप, 7 दिन में समाधान नहीं तो तालाबंदी की चेतावनी

शाजापुर जिले के हिनौती सूरजपुर गांव में स्थित जंक्शन ग्रीन ग्रुप कंपनी पर स्थानीय किसानों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि कंपनी ने उनकी जमीन पर कब्जा कर सोलर प्लांट स्थापित कर दिया है और उनके आवागमन के रास्ते भी बंद कर दिए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

गुर्जर स्वाभिमान मंच की मौके पर पहुंची टीम

मामले की जानकारी मिलने के बाद गुर्जर स्वाभिमान मंच के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और कंपनी प्रबंधन से बातचीत की। करीब चार घंटे चली चर्चा के दौरान कंपनी के प्रतिनिधि भूपेंद्र कुमार ने किसानों की करीब 6 बीघा जमीन को 7 दिन के भीतर खाली करने का आश्वासन दिया।

किसानों को रोजगार का वादा पूरा न होने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि जब उनकी जमीन ली गई थी, तब उन्हें रोजगार देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कंपनी द्वारा किसी भी वादे को पूरा नहीं किया गया। किसानों का कहना है कि सोलर प्लांट लगने के बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।

तालाबंदी और आंदोलन की चेतावनी

गुर्जर स्वाभिमान मंच के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र गुर्जर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की जमीनों पर लगातार कब्जे के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि 7 दिनों के भीतर किसानों की जमीन खाली नहीं की गई और समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कंपनी के खिलाफ तालाबंदी और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

कंपनी प्रबंधन पर सवाल

किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कंपनी की कार्यप्रणाली के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मीडिया द्वारा संपर्क किए जाने पर कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

आगे की कार्रवाई पर नजर

फिलहाल किसानों और संगठन की चेतावनी के बाद मामला गंभीर होता जा रहा है। यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो यह विवाद और अधिक बढ़ सकता है और क्षेत्र में आंदोलन की स्थिति बन सकती है।

 

 

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